ऊना,राकेश(TSN)-हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में बिजली बोर्ड़ कर्मचारियों,इंजीनियरों और पेंशनरों की राज्य जॉइंट एक्शन कमेटी द्वारा जिला बिजली पंचायत का आयोजन किया गया.जिसमें जिला के सैकड़ों कर्मचारियों,अभियंताओं, पेंशनर्ज व बिजली उपभोक्ताओं ने भाग लिया। उल्लेखनीय है कि बिजली कर्मचारी,अभियंता व पेंशनर्ज विभिन्न मांगों को लेकर 6 फरवरी से आंदोलनरत है जिसके चलते 11 फरवरी को हमीरपुर में इसी तरह की बिजली पंचायत का आयोजन किया गया था, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया था।
कर्मचारी नेता की बर्खास्तगी का विरोध
इस अवसर पर जॉइंट एक्शन कमेटी के नेताओं द्वारा कर्मचारी नेता नीतीश कुमार की बर्खास्तगी का विरोध किया और इसे महज़ बिजली बोर्ड प्रबंधन द्वारा पदों को समाप्त करने और बोर्ड में पुरानी पेंशन के पक्ष में आवाज उठाने पर बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन का यह कृत्य हमारे संविधान में परिकल्पित नागरिकों के मौलिक अधिकारों के साथ-साथ ट्रेड यूनियन अधिनियम में कर्मचारी वर्ग को दिए गए ट्रेड यूनियन अधिकारों के खिलाफ है।
जॉइंट एक्शन कमेटी के सह संयोजक ने कहा कि सरकार और प्रबंधन को जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे आना चाहिए और बिजली बोर्ड़ कर्मचारी, अभियंता व पेंशनर्ज की जे.ए.सी द्वारा उठाए गए मुद्दों पर तुरंत बातचीत करनी चाहिए ताकि उनके बीच व्याप्त गतिरोध को तोड़ा जा सके। उन्होंने आगे चेतावनी दी कि यदि आक्रोश को देखते हुए प्रबंधन इन मुद्दों पर वार्ता व समाधान नहीं करता है तो जे0ए0सी एक बड़ी कार्रवाई करने को मजबूर होगी, जिसके लिए प्रबंधन को पहले ही नोटिस दिया जा चुका है। इस महापंचायत में विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की गई और विभिन्न पवक्ताओं ने अपनी अपनी बात रखी.
बिजली विभाग के कर्मचारियों को OPS में नहीं किया गया अभी तक शामिल
जिसमें उन्होंने विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की है जिसमें उन्होंने हिमाचल सरकार द्वारा बिजली कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम में शामिल नहीं किया गया है बिजली बोर्ड में एकतरफा युक्तिकरण और पदों में कटौती पर रोक लगाई जाए। हाल ही में समाप्त किए गए 51 पदों को बहाल किया जाए। बिजली बोर्ड में कर्मचारियों की भारी कमी को देखते हुए खाली पदों पर तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। मई, 2003 के बाद भर्ती बिजली कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन प्रणाली को किया जाए। पिछले दो वर्षों से लंबित पेंशनरों के पेंशन बकाया राशि, लीवईन्केशमेंट और ग्रेच्युटी की अदायगी शीघ्र की जाए। बिजली बोर्ड में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को स्थायी निति बनाई जाए और पिछले दिनों छंटनी किए गए 81 ड्राइवरों (आउटसोर्स) को फिर से काम पर रखा जाए।सरकार और हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी एवं अभियंता संयुक्त मोर्चा के बीच हस्ताक्षरित द्विपक्षीय समझौते के प्रावधानों का पालन किया जाएगा तथा उनके परामर्श के बिना किसी भी परिसंपत्ति का हस्तांतरण नहीं किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के सब स्टेशन एवं पावर हाउस के संचालन एवं रख-रखाव की आउटसोर्सिंग बंद की जाए।
