कुल्लू : मनमिंदर अरोड़ा – जिला कुल्लू में प्राकृतिक आपदा को आए 1 माह से अधिक का समय हो गया है। लेकिन अभी तक भी जनजीवन सामान्य नहीं हो पाया है। वहीं ब्यास नदी में आई बाढ़ के चलते हाथी थान व पारला भुंतर में सड़क बह गई और इसके साथ ही दर्जनों मकान भी इसकी चपेट में आ गए। उसके बाद यहां पर अब एक बार फिर से सड़क को रिस्टोर करने का कार्य किया जा रहा है। लेकिन यह कार्य इतनी धीमी गति से हो रहा है कि अब स्थानीय लोगों को भी इससे परेशानी पेश आ रखी है।
स्थानीय लोगों ने विभाग पर लगाया लेटलतीफी का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पर सड़क को रिस्टोर करने का काम शुरू कर दिया गया है। लेकिन ना तो काम में गुणवत्ता बरती जा रही है और ना ही काम तेज गति से किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आज 37 दिन से अधिक का समय हो गया। लेकिन अभी तक 100 मीटर सड़क भी तैयार नहीं की गई है। ऐसे में अगर जल्द ही इस सड़क मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल नहीं किया गया। तो यहां पर कारोबारियों का कारोबार भी ठप्प हो जाएगा।
स्थानीय निवासी स्वपन नाग का कहना है कि यहां पर कई लोगों के द्वारा बैंकों से कर्ज लेकर अपना कारोबार शुरू किया गया था। लेकिन ब्यास नदी की बाढ़ में उन लोगों की आस भी बह गई। अभी भी लोगों को उम्मीद है कि अगर सड़क का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाता है। तो यहां से वाहनों की आवाजाही होगी और लोग फिर से अपना आशियाना खड़ा कर सकेंगे लेकिन जिस तरह से यहां पर लोक निर्माण विभाग के द्वारा कार्य किया जा रहा है। उसे लगता है कि आने वाले 5 माह में भी यह कार्य पूरा नहीं होगा। ऐसे में लोक निर्माण विभाग जल्द से जल्द इस कार्य को पूरा करें।
वहीं स्थानीय निवासी रमन कुमार का कहना है कि ब्यास नदी में आई बाढ़ के चलते कई लोगों के मकान बह गए और कई लोग बेरोजगार हो गए हैं। अगर यहां पर सड़क का निर्माण जल्द होता है तो मणिकर्ण की ओर जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी और यहां पर लोगों का कारोबार फिर से चल पड़ेगा। महिला सुनीता देवी का कहना है कि जब बाढ़ आई थी तो उस दौरान तो प्रशासन के अधिकारियों ने यहां पर तेज गति से काम शुरू किया था। लेकिन अब यह काम धीमा पड़ गया है। यहां पर लोगों को ना तो अपने घरों की ओर जाने की सुविधा मिल पा रही है और ना ही यहां से वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई है। प्रशासन को चाहिए कि जल्द से जल्द पूरी सड़क को रिस्टोर किया जाए। ताकि एक बार फिर से यहां का जनजीवन सामान्य हो सके।
