नूरपूर (संजीव महाजन): आजादी के 75 साल बीतने के बाद भी नूरपुर के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे है। यहां के लोगों को पानी,बिजली,सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे है। यह बात आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता मनीषा ने कही। मनीषा ने नूरपुर में पेयजल आपूर्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उपमंडल के हर दूसरे गांव में तीन या चार दिन के बाद पानी आ रहा है। उन्होंने कहा कि तीसरे दिन जो पानी दिया जा रहा है उसमे भी मात्र खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस हालत को देखकर लगता है नूरपुर में दोनो दलों ने लोगों का शोषण किया है।
उन्होंने कहा कि पानी की सप्लाई का नाम पर मात्र 100 या 200 लीटर पानी दिया जा रहा है, जिससे लोगों का गुजारा करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि नूरपुर के कई गांव ऐसे जहां कुछ खास घरों को छोड़कर बाकी के ग्रामीणों को नामात्र पानी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति के लिए दिन का 70 लीटर पानी निर्धारित किया गया है लेकिन यहां पूरे परिवार को ही 100 लीटर पानी दिया जा रहा है। उन्होंने वन मंत्री राकेश पठानिया और पूर्व विधायक अजय महाजन से सवाल किया है कि वो बताएं कि क्या एक परिवार तीन दिन तक 100 लीटर पानी से गुजारा कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी प्रदेश ने सत्ता में आती है तो यहां की जनता को सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।
