अरविंदर सिंह,हमीरपुर: नेताजी सुभाष चंद्र मेमोरियल पोस्टग्रेजुएट कॉलेज हमीरपुर में कई प्रोफेसरों और क्लेरिकल स्टाफ़ के लोगों ने पहले तो ट्रांसफर होने के सालों बाद भी अपने सरकारी क्वार्टर नहीं छोड़े हैं। जब उन्हें इन सरकारी क्वार्टर को खाली ना करने को लेकर कानूनी कार्रवाई के तहत किराए की रिकवरी करने की पैनल्टी डाली गई तो अब यह लोग रिकवरी के पैसे नहीं भर रहे हैं। यूनिवर्सिटी और कॉलेज प्रशासन को इन सरकारी औहादों पर बैठे लोगों से करीब 15 लाख की रिकवरी करना गले की फांस बन गई हैं।
इन सभी लेक्चऱरों को बकायदा नोटिस भी जारी करके रिकवरी भरने को कहा गया हैं लेकिन अब तक इन लोगों ने एक पैसे की रिकवरी नहीं भरी हैं। कॉलेज प्रिंसिपल प्रमोद कुमार ने बताया कि इस मामले में विभागीय अधिकारियों को सूचित किया जा चुका हैं।
नेताजी सुभाष चंद्र मेमोरियल पोस्टग्रेजुएट कॉलेज हमीरपुर से किसी दूसरी जगह ट्रांसफर हो जाने के बाद नियमों के मुताबिक क्वार्टर को खाली नहीं गए हैं। अब इन्हें किराए की जो रिकवरी भरने को लेकर नोटिस दिया गया।
उस पर एक भी पैसा रिकवरी का नहीं चुकाया। एक लेक्चरर को तो करीब साढे़ 4 लाख 50 हजार की रिकवरी डाली गई हैं। किसी को तीन लाख किसी को दो लाख की रिकवरी डाली गई हैं। करीब 15 रुपए लाख की रिकवरी इनसे होनी बाकी हैं नियमों के मुताबिक अगर किसी सरकारी कर्मचारी का ट्रांसफर दूसरी जगह हो जाता हैं। तो उसे 3 से 6 माह के अंदर क्वार्टर खाली करना होता है लेकिन उक्त मामले में संबंधित शिक्षकों ने अपनी मनमर्जी जमाई रखी और क्वार्टर खाली नहीं किए हैं। इसका नुकसान सबसे ज्यादा उन लोगों को हुआ जिन्हें लोगों ने आकर यहां क्वार्टर लेने थे।
कॉलेज के प्रिंसिपल प्रमोद कुमार का कहना है कि जिन लोगों ने सरकारी क्वार्टर खाली नहीं किए थे उन्हें यूनिवर्सिटी के नियमों के मुताबिक रिकवरी डाली गई हैं। इन सभी को नोटिस जारी कर रिकवरी भरने को कहा गया हैं।
