बीबीएन :जगत सिंह – नालागढ़ में 5 हजार करोड़ की लागत से मेडिकल डिवाइस पार्क बनने से पहले ही सवालों के घेरे में है ।बता दें कि पिछले 2 माह से मेडिकल डिवाइस पार्क से निकलने वाले खनन सामग्री को क्रेशर मालिकों को लीज पर दिया गया है ।दर्जनों गाड़ियां लगाकर खनन सामग्री को उठाया भी जा रहा है, लेकिन अब स्थानीय लोगों ने मेडिकल डिवाइस पार्क और क्रेशर मालिकों पर सवाल खड़े किए हैं कि बिना एम फार्म से पहले कंपनी से खनन सामग्री को गाड़ियों में लोड किया जाता है और उसके बाद क्रशरों के ऊपर खनन सामग्री को उतारा ही नहीं जाता, बल्कि सीधे ही पंजाब में खनन से जुड़ी हुई सामग्री को बेचा जा रहा है ।
मेडिकल डिवाइस पार्क से संबंधित ठेकेदार का कहना ये
इसमें करोड़ों रुपया का घोटाला अब तक खनन माफिया द्वारा किया जा रहा है । इस बारे में मेडिकल डिवाइस पार्क से संबंधित ठेकेदार का कहना है कि उनके यहां पर जितने भी खनन से जुड़ी हुई गाड़ियां लोड होती है उनसे पहले एम फार्म चेक किया जाता है।इसके बाद उन्हें बाहर भेजा जाता है । उन्होंने कहा कि उनकी ड्यूटी बस मेडिकल डिवाइस पार्क के अंदर की है,बाहर यह ट्रक लेकर कहां जाते हैं और कहां ले जाते इसको लेकर वह कुछ नहीं कह सकते क्योंकि यह ड्यूटी माइनिंग विभाग के अधिकारियों की है।ठेकेदार का कहना है कि lउन्होंने क्षेत्र के छह क्रशर मालिकों को लीज दे रखी है और उनके ही ट्रक यहां से लोड होते हैं और बिना एम फार्म के वह ट्रकों को लोड होने नहीं देते।
खनन विभाग के अधिकारी ने यह कहकर झाड़ा पल्ला
इस बारे में जब माइनिंग इंस्पेक्टर नालागढ़ निशांत शर्मा से बात की तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ दिया कि उनके पास एरिया बहुत ज्यादा है और स्टाफ की कमी है ।मात्र दो ही स्टाफ के सदस्य पूरे क्षेत्र में कार्यरत हैं, जिसके चलते उन्हें पूरे एरिया को कवर करने में दिक्कत आती है । उन्होंने कहा कि वह काफी लंबे समय से खनन से जुड़े मामलों को लेकर गंभीर है और समय-समय पर वह कार्रवाई भी करते रहते हैं । उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कहीं हो रहा है तो उनके ऊपर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
