मंजूर पठान,चंबा: प्रदेश में सरकार भले ही छात्रों को बेहतर शिक्षा मुहैया करवाने के दावे कर रही हैं लेकिन प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में आज भी हालात स्कूलों में सही नहीं हैं। सरकार की ओर से जगह-जगह स्कूल तो खोल दिए गए हैं,लेकिन हालात यह हैं कि इन स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं। शिक्षक न होने की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो गई रही हैं।
यही हालात चंबा जिला के तहत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बघेईगढ़ स्कूल में ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के हैं। हालात यह हैं कि इस स्कूल में ग्यारहवीं ओर बाहरवीं में छात्र तो हैं लेकिन इन्हें पढ़ाने के लिए एक भी प्रवक्ता नहीं हैं,जिसकी वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही हैं और बच्चे परेशान हो गए हैं। पिछले दो साल से लगातार यहां पर बच्चों की पढ़ाई पर इसका असर पड़ता हुआ नजर आ रहा हैं। बता दें की इसके लिए कई बार स्कूल प्रबंधन ने भी सरकार से मांग की है लेकिन अभी तक उक्त स्कूल की समस्या का समाधान नहीं हो पाया हैं।
स्कूल में ढाई सौ से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण करते है लेकिन दसवीं तक भी स्टाफ पूरा नहीं होने से वहां भी अध्यापक की कमी होने से ग्यारहवीं बारहवीं के छात्राओं को पढ़ाना मुश्किल होता जा रहा हैं। एक अध्यापक दो दो कक्षाओं को नही पढ़ा पा रहे हैं। अब एक बार पुनः स्कूली छात्र छात्राओं ने सरकार से मांग करते हुए कहा है की सरकार इस मामले पर गंभीरता दिखाए ओर जल्द स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए ताकी समस्या का समाधान हो सके।
वहीं दूसरी और स्कूली छात्र छात्राओं का कहना है की स्टाफ की कमी के चलते पढ़ाई मुश्किल हो रही हैं। वह सरकार से मांग करते है की जल्द हमारे स्कूल में स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए ताकि हमारी पढ़ाई प्रभावित ना हो।
वहीं दूसरी ओर स्कूल के कार्यकारी प्रधानाचार्य राजकुमार का कहना है की हमारे स्कूल में पिछले काफी सालों से स्टाफ की कमी हैं। स्टाफ़ की कमी होने के चलते बच्चों की पढ़ाई पर इसका असर हो रहा हैं,जल्द स्टाफ़ की कमी को पूरा किया जाना चाहिए। शिक्षा मंत्री से यही अपील हैं कि वह पूरे मामले में संज्ञान ले और स्कूल में चल रही स्टॉफ की कमी को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
