अरविंदर सिंह,हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से कॉलेजों में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों के बीएससी और बीकॉम प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया हैं। यह परीक्षा परिणाम बेहद खराब रहा है। परीक्षा परिणाम में अधिकतर बच्चे फेल पाए गए हैं। ऐसे में छात्र संगठनों की ओर से परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाया जा रहा है। इसे लेकर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के प्रथम वर्ष के छात्रों के घोषित परीक्षा परिणाम को एनएसयूआई की ओर से युवाओं के साथ धोखा करार दिया है। एनएसयूआई प्रदेश महासचिव टोनी ठाकुर ने हमीरपुर ने पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि इस बार विश्वविद्यालय की ओर से पेपर बाहर की कंपनी को ठेके पर देकर चेक करवाए गए हैं, जिस कारण उन्होंने बिना किसी जिम्मेवारी के जल्दबाजी में पेपर चेक किए हैं। इसके ऊपर से रिजल्ट इतना लेट निकाला है कि छात्रों के दो-दो वर्ष बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहुत सारे छात्रों को इंटरनल असेसमेंट में ही फेल कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का रिजल्ट मात्र पंद्रह सोलह प्रतिशत रहा है जो कि चिंता का विषय है।
एनएसयूआई ने सवाल उठाया कि जो छात्र अवधी परीक्षाओं में बेहतरीन अंक लेकर पास हुए थे उनका रिजल्ट इतना खराब कैसे आ सकता है। उन्होंने कहा कि यह सब हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन की कारगुजारी के कारण हुआ है। इस परिणाम से युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि शिक्षा को पैसे कमाने का धंधा एचपीयू प्रशासन ने बना लिया है। एनएसयूआई ने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन दोबारा से छात्रों के पेपरों की जांच नहीं करवाता है तो एनएसयूआई पूरे प्रदेश भर में उग्र आंदोलन करेगी।
