बीबीएन/जगत सिंह: प्रदेश के सबसे बड़े ओद्योगिक क्षेत्र बद्दी के हनुमान चौक के समीप एक डीआईसी के प्लॉट में अवैध रूप से नकली दवाइयां तैयार की जाती थीं। यह प्लॉट फार्मा मशीनरी, चेंज पार्ट्स और लैब उपकरणों के नाम पर खरीदा गया था, लेकिन यहां अवैध रूप से नामी कंपनियों के नाम पर दवाइयां बनाई जा रही थीं। अब तक ड्रग विभाग और पुलिस विभाग की टीम के साथ ऑपरेशन के दौरान इस अवैध कंपनी में बनाई जा रही करीबन 1 करोड की दवाएं बरामद कर ली गई है। मामले में गिरफ्तार तीन लोगों को कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। विभाग ने प्लॉट में मशीनरी और रिकॉर्ड को कब्जे में ले लिया है।
नकली दवा बनाने वाली एक फैक्ट्री, गोदाम, क्रेटा कार को किया गया सील
बद्दी में दवाओं के अवैध निर्माण का कार्य हनुमान चौक के समीप डीआईसी के प्लॉट नंबर 29 में हो रहा था। रातोंरात ये दवाइयां तैयार कर हिमाचल से बाहर छोटी गाड़ियों में भेजी जाती थीं। इस बीच, दवा नियंत्रक विभाग को नकली दवाइयां बनाने की भनक लगी तो अधिकारी कंपनी से गाड़ी निकलने का इंतजार करते रहे। उत्तर प्रदेश के नंबर की क्रेटा गाड़ी कंपनी से निकली तो विभाग की टीम ने उसे बद्दी बैरियर के समीप पकड़ लिया। जांच में वाहन से अवैध दवाइयां निकलीं। पूछताछ में वाहन चालक ने बताया कि यह दवाइयां बद्दी के सिक्का होटल के समीप एक गोदाम से लाई गई हैं।
इसके बाद टीम ने गोदाम में दबिश दी तो दवाइयों का जखीरा पकड़ा गया। इस मामले में आगरा के मोहित बंसल, मध्यप्रदेश के विजय कौशल और उत्तर प्रदेश के अतुल गुप्ता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। इसके बाद गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों से बताया कि हनुमान चौक के समीप सराह एंटरप्राइजिज के नाम से प्लॉट खरीदा था। इसमें दवाइयों का निर्माण किया जाता था। विभाग ने यहां पर प्लॉट से मशीनरी और अन्य सामान कब्जे में ले लिया है।
तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर की जा रही पूछताछ बड़े खुलासे होने की है उम्मीद
नवनीत मरवाह, राज्य दवा नियंत्रक मीडिया से बात करते हुए कहा की तीनों आरोपियों को अदालत ने चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। बद्दी में दवाइयां बनाकर इन्हें रातोंरात बाहरी राज्यों में सप्लाई किया जाता था। विभाग ने मशीनरी और अन्य सामान कब्जे में ले लिया है। विभाग जांच कर रहा है। जांच होने के कारण पूरी जानकारी देने में असमर्थ हैं। मामले में और गिरफ्तारियां होने की भी संभावना है। उन्होंने कहा कि इन 3 जगहों पर दबिश दी गई और तीनों जगहों को सील कर दिया गया है। जिसमें एक गोदाम एक क्रेटा कार और एक फैक्ट्री मौजूद है। जहां पर इन अवैध दवाइयों का निर्माण किया जाता था उन्होंने कहा कि देश की 7 नामी कंपनियों के नाम पर यह नकली दवाई बनाई जाती थी। उन्होंने कहा कि अब तक की जांच में करीबन एक करोड़ से ज्यादा की नकली दवाएं पकड़ी गई है।
