भावना शर्मा(TSN) : हिमाचल प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य हैं। यहां की अधिकतर लोग खेती-बाड़ी कर ही अपना गुर्जर बसर करते हैं, ऐसे में प्रदेश के इन किसानों ओर पशुपालकों की आय दुगनी हो और किसान उन्नत खेती की दिशा की ओर अग्रसर हो इसके लिए प्रदेश सरकार कारगर कदम उठा रही हैं। इसी दिशा में प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश के किसानों की आय को दुगना करने के लिए ओर किसानों को खेती बाड़ी ओर पशुपालन जुड़ी समस्याओं का समाधान जल्द ओर कारगर तरीके से देने के लिए हिम उन्नति योजना की शुरुवात की गई हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं का समाधान कर उनकी आय को दोगुना करना है जैसे कि किसानों को अधिक से अधिक मुनाफा मिले और किस है खेती-बाड़ी से जुड़े रहे। किसानों के लिए शुरू की गई हिम उन्नति योजना के तहत प्रदेश सरकार एक और जहां कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों को किसानों से सीधे तौर पर जोड़ेगी तो वहीं किसानों को उनकी समस्या का समाधान एक फोन कॉल पर प्राप्त हो सके इसके लिए भी प्रावधान योजना के तहत किया गया हैं। किसानों की समस्या के समाधान के लिए इस योजना के तहत प्रदेश सरकार प्रदेश में विभिन्न जगहों पर क्लस्टर स्थापित कर रही हैं। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में कॉल सेंटर की स्थापना भी की जा रही है जिससे की जरूरत पड़ने पर किसानों को एक फोन कॉल पर ही उनकी सभी तरह की समस्याओं का समाधान मिल सके।
हिम उन्नति योजना के तहत सरकार प्रदेश भर में 2603 क्लस्टर बनाएगी। यह कलस्टर किसानों की ओर से उगाई जाने वाली फसलों के आधार पर बनाए जा रहे हैं। यानी सब्जी,मोटे अनाज सहित फलों,पशुपालन ओर प्राकृतिक खेती के अलग-अलग क्लस्टर बनाए जा रहे हैं जिससे कि किसानों को हर फसल से जुड़ी समस्या का समाधान मिल सके। योजना के तहत किसानों की हर एक तरह की समस्या का समाधान करने के साथ ही उनका क्षेत्र और उस क्षेत्र की जलवायु किस फसल के लिए अनुकूल है और कौन सी फसल लगाकर किसान मुनाफा कमा सकते हैं इसके बारे में भी उनका मार्गदर्शन किया जाएगा।
Benefit Available Under The Scheme
हिम उन्नति योजना के तहत किसानों को फसलों को उगाने से लेकर उनकी देखरेख करने के अलावा उनके पशुधन की देखरेख के लिए भी बेहतर सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। किस तरह से किसान तकनीकी का प्रयोग कर पोषक अनाज उगा करें हैं इसके बारे भी उन्हें जागरूक किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश में क्षेत्र के हिसाब से सब्जियों, फल, फूलों, अनाज के साथ ही नगदी फसलों और प्राकृतिक कृषि के लिए क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। योजना के तहत किसानों की ओर से उगाई जाने वाली फसलों का जिलावार डेटाबेस तैयार किया जाएगा। वहीं एक मोबाइल एप भी लांच की जाएगी। योजना के तहत कार्य सुचारू रूप से हो सके इसके लिए सरकार सभी जिलों में कॉल सेंटर भी स्थापित करेगी। इसके साथ ही योजना के तहत मोबाइल वेटरनरी यूनिट भी शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से बीमार पशुओं का इलाज करने के लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट की टीम किसान और पशुपालकों के घर पहुंचेगी।
Documents Related To The Scheme
हिम उन्नति योजना के लिए आवेदनकर्ता का हिमाचल का स्थाई निवासी होना अनिवार्य हैं। उसके पास हिमाचली बोनाफाइड सर्टिफिकेट होना चाहिए। किसानों को ही योजना का लाभ प्राप्त होगा। वहीं आधार कार्ड की कॉपी, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ के साथ ही आयु प्रमाण पत्र के साथ ही ज़मीनी दस्तावेज होना भी अनिवार्य किया गया हैं।
Process To Apply For The Scheme
हम उन्नति योजना के तहत सरकार ने प्रदेश भर में क्लस्टर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी हैं। क्लस्टर स्थापित करने की प्रक्रिया के बाद योजना के तहत किसान ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को शुरू कर सकते हैं। इसके लिए जल्द ही सरकार की ओर से अधिकारी का वेबसाइट वेबसाइट तैयार कर दी जाएगी, जिसके माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा ओर किसानों को योजना के तहत लाभ प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही ऑफलाइन माध्यम से भी आवेदन करने की सुविधा प्रदान की जाएगी।
