सोलन (योगेश शर्मा) : सोलन में लगातार लंपी वायरस के मामले सामने आ रहे हैं जिला में अभी तक लंपी वायरस 6795 पशु इससे ग्रसित हो चुके हैं। लंपी वायरस के मामले को लेकर लगातार पशुपालन विभाग में रैपिड टीमें बनाकर ग्रामीण स्तर पर लोगों को जागरुक कर रहा है, लेकिन सोलन शहर की सड़कों पर कुछ पशु भी सड़कों पर देखने को मिल रहे हैं। इन पशुओं में लंपी वायरस के मामले भी देखने को मिल रहे है। जिसको लेकर लगातार पशुपालन विभाग भी स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर इन पशुओं का इलाज कर रहा है। लेकिन जिस तरह से यह पशु सड़कों पर घूम रहे हैं उससे अन्य पशुओं को भी लंपी बीमारी फैलने का खतरा पैदा होने लगा है।
पशुपालन विभाग सोलन के डिप्टी डायरेक्टर डॉ.बी.बी.गुप्ता ने बताया कि जिला में अभी तक 3500 पशु लंपी वायरस से रिकवर हो चुके हैं। वहीं जिला में लंपी वायरस के अभी भी 3100 मामले एक्टिव है। डॉ गुप्ता ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर लगातार पशुपालन विभाग की टीम लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना 8 से 10 पशुओं की मौत सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले धर्मपुर ब्लॉक में लंपी वायरस के मामले सामने आए क्योंकि वहां पर सिरमौर के साथ लगता क्षेत्र है। ऐसे में वहां से मामले बढ़ना शुरू हुए उसके बाद नालागढ़, अर्की और सोलन में भी इसके मामले देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो बेसहारा पशु इन दिनों सोलन शहर की सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। उनमें भी लंपी वायरस के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन लंपी वायरस के लक्षण दिखते ही लोगों ने उन्हें सड़कों पर छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि पशुओं में टैग न लगे होने के कारण उनका पता लगा पाना मुश्किल है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर उनका इलाज कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन गांवों में वेक्सिनेशन नहीं करवाया जा रहा है जहां पर लंपी वायरस के मामले सामने आ रहे है। उन्होंने कहा कि अभी तक जिला में 12000 पशुओं की वेक्सिनेशन की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि लगातार ग्रामीण स्तरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को लंपी वायरस के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
