संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश में नई सरकार का पहला विधानसभा का शीतकालीन सत्र जनवरी के पहले सप्ताह में होगा। इस सत्र के बाद ही सरकार कैबिनेट विस्तार करेगी। सत्र से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कोविड से उभरने के बाद 25 दिसंबर को शिमला लौटने वाले हैं। यहां पहुंचते ही मुख्यमंत्री सबसे पहले 28 दिसंबर को एनपीएस कर्मचारियों से मुलाकात कर ओपीएस बहाली को लेकर चर्चा करेंगे।
मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश ने शिमला में पत्रकार वार्ता कर भाजपा को संयम रखने की सलाह दी है और कहा है कि कांग्रेस ने ओपीएस सहित जो 10 गारंटीयां दी है उन्हें लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा जल्दबाजी में हैं और उसे थोड़ा संयम रखने की जरूरत हैं।
नरेश चौहान ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बने प्रदेश में अभी कुछ ही दिन हुए हैं। ऐसे में जनता को उन्हें वादे पूरे करने के लिए कुछ दिन देने चाहिए। कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले जो गारंटीयां दी है, उन्हें हर हाल में पूरा किया जाएगा। जनता को किसी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। नरेश चौहान ने सरकार की ओर से डिनोटिफाई किए जा रहे कार्यालयों को लेकर कहा कि पूर्व सरकार ने बिना बजट के चुनावी फायदा लेने के लिए कई घोषणाएं की। कांग्रेस ने विपक्ष में रहते हुए भी तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को चेताया था, लेकिन उन्होंने चुनावी फायदा लेने के लिए वित्त विभाग की मनाही के बावजूद 3 महीने में 900 संस्थानो को खोला। इस तरह की घोषणाएं सरकार रिव्यु करेगी। जहां जनता की मांग व आवश्यकता होगी वहां यह कार्यालय फिर से खोले जाएंगे।
कोविड को लेकर सरकार पूरी तरह से अलर्ट
नरेश चौहान ने कहा कि कोविड को लेकर सरकार अलर्ट है और पर्याप्त इंजताम भी सरकार की ओर से कर लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि क्रिसमस और नए साल के जश्न के लिए जो भी पर्यटक हिमाचल आ रहे हैं उन्हें मेहमान के तौर पर ट्रीट किया जाए। इसके अलावा कोविड के नियमों की पालना करने की भी पर्यटकों से अपील की गई हैं।भीड़ में मास्क पहनने की सलाह भी दी गई हैं।।
