मंजूर पठान,चंबा: 76वें हिमाचल दिवस पर शनिवार को चंबा में जिला स्तरीय समारोह का आयोजन ऐतिहासिक चौगान मैदान में किया गया। इस अवसर पर मुख्यातिथि विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सर्वप्रथम ध्वजारोहण किया जिसके बाद उन्होंने पुलिस, होमगार्ड जवानों ओर स्कूली बच्चों की ओर से प्रस्तुत मार्च पास्ट की सलामी ली। उन्होंने इस अवसर पर समस्त जिला वासियों ओर प्रदेश वासियों को हिमाचल दिवस की शुभकामनाएं दी।
पठानिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने कार्यकाल में प्रदेश की जनता को कई तोहफे दिए हैं, जिसके लिए प्रदेश ओर चंबा जिला वासी बधाई के पात्र हैं। इस अवसर पर स्कूली बच्चों की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई जिसे सभी ने सराहा। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने जहां जिला चंबा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया वहीं अन्य गतिविधियों में बेहतर कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत भी किया। इस मौके पर जिला के कई स्वतंत्रता सेनानी, उपायुक्त चंबा अपूर्व देवगण, एस.पी. चंबा अभिषेक यादव सहित अन्य विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने अपने संबोधन में जहां चंबा वासियों को हिमाचल दिवस की बधाई दी वहीं उन्होंने प्रदेश और देशवासियों को भी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल 1948 में हिमाचल प्रदेश का अस्तित्व सामने आया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का राज्य के रूप में गठन हुआ और पहले 1948 के बाद चीफ कमिश्नर प्रोविजन के रूप में इसकी गवर्नरनेंस केंद्र की ओर से चीफ कमिश्नर के माध्यम से हुई। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भूमि को वीर भूमि के नाम से भी जाना जाता हैं। यहां के वीरों ने देश की एकता और अखंडता को कायम रखने में विशेष योगदान दिया हैं। इसलिए और इस अवसर पर उनके सैनिकों को भी उन महान नेताओं को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं।
उन्होंने कहा कि जहां हिमाचल प्रदेश के विकास में डॉ. वाईएस परमार का योगदान रहा हैं। वहीं स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह ,शांता कुमार, प्रेम कुमार धूमल और जयराम ठाकुर इन सभी मुख्यमंत्रियों का अपने अपने कार्यकाल में विशेष योगदान रहा हैं। उन्होंने कहा हिमाचल के निर्माण में विशेष योगदान डॉ. वाईएस परमार का रहा हैं। वहीं आज के इस हिमाचल प्रदेश का जो वर्तमान स्वरूप हैं उसमें विशेष योगदान स्वर्गीय वीरभद्र सिंह का रहा हैं।
