राहुल चावला, धर्मशाला: सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक की समस्या से सड़क पार करने में सीनियर सिटीजन और बच्चों को समस्या ना आए इसे देखते हुए सड़कों पर फुट ब्रिज का निर्माण किया जाता हैं। यह फुटब्रिज सीनियर सिटीजन और बच्चों की सुरक्षा और सुविधा के मद्देनजर बनाए जाते हैं लेकिन धर्मशाला में बनाया गया एक फोटो भेजें लोगों को सहूलियत देने के बजाय मात्र शोपीस बनकर रह गया हैं। कांगड़ा जिले की स्मार्ट सिटी धर्मशाला में बढ़ती ट्रैफिक समस्या से सीनियर सिटीजन और बच्चों को सहूलियत देने के लिए जिलाधीश कार्यालय के बाहर लगभग 55 लाख की लागत से फुट ब्रिज का निर्माण किया गया हैं लेकिन इसका इस्तेमाल कभी भी किसी ने भी नहीं किया।धर्मशाला शहर में जनता के पैसे के दुरुपयोग और फिजूलखर्ची का इससे बड़ा उदाहरण देखने को नहीं मिल सकता।
बता दें कि इस फुट ब्रिज पर एमपी लैंड का पैसा खर्च किया गया हैं। स्टील का बना फुटब्रिज लगभग 3 साल पहले पूरा हो गया था, लेकिन सबसे खास बात यह है कि इस पुल का एक छोर लोकनिर्माण विभाग के आवासीय परिसर के भीतर बनाया गया है जो दीवार से बंद हैं। लोग इस फुटब्रिज का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं । इस पर सांसद किशन कपूर और कई जनप्रतिनिधि पहले ही सवाल खड़े कर चुके हैं।
धर्मशाला नगर निगम के पूर्व मेयर एवं पार्षद देवेंद्र जग्गी ने कहा कि निगम ने स्टील फुट ब्रिज के निर्माण पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि इसकी कोई आवश्यकता नहीं थी। सड़क के जिस छोर पर फुट ब्रिज बनाया गया है वह स्थान ही सही नहीं हैं। इसके अलावा फुटब्रिज का डिजाइन ऐसा था कि सीनियर सिटीजन और बच्चे इसका प्रयोग नहीं कर सकते, क्योंकि यह सीधी बनाई गई हैं। इसके अतिरिक्त जहां इसका निर्माण किया गया हैं, वहां स्मार्ट रोड का निर्माण प्रस्तावित हैं।
उन्होंने कहा कि फुटब्रिज का कभी भी उपयोग नहीं किया गया, क्योंकि इसका एक सिरा चारदीवारी के भीतर हैं,जिस तक पैदल यात्री नहीं जा सकते हैं। इस विषय को लेकर जब अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो वह इस पर कतराते हुए नजर आए और जबाब देने से बचते रहे।
