संजु चौधरी, शिमला: हिमाचल प्रदेश में हुई बारिश की वजह से प्रदेश भर में भारी नुकसान हुआ हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार के शुरुआती आंकलन के मुताबिक प्रदेश को चार हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि यह नुकसान आठ हजार करोड़ के पार जा सकता हैं।
शुक्रवार को शिमला में प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि ऐसी आपदा प्रदेश ने बीते 50 सालों में नहीं देखी। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश को आपदा से बाहर निकालने में प्रभावी रूप से काम किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी दी कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने आर्थिक मदद जुटाने के लिए आपदा राहत कोष-2023 का गठन किया हैं। इसके लिए दो बैंकों में सरकार ने खाते खोले हैं, जिसमें लोग सरकार को आर्थिक मदद कर सकेंगे।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ने आपदा को से निपटने में बेहतरीन काम किया। हिमाचल प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों और विधायकों ने बेहतरीन काम करते हुए प्रदेश को संकट से उबारा। उन्होंने कहा कि 60 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन में 67 हजार पर्यटकों को गंतव्य स्थल तक पहुंचाने का काम हुआ। शेष 10 हजार पर्यटकों को भी जल्द ही हिमाचल प्रदेश से बाहर उनके घर में भेज दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से भी प्रदेश को आर्थिक मदद देने की बात हुई हैं। देश के गृह मंत्री अमित शाह ने हिमाचल प्रदेश को हर संभव मदद देने की बात कही है, लेकिन अब तक केंद्र से कोई सहायता नहीं मिली हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार लगातार इस तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग कर रही है, लेकिन अब तक इस बारे में केंद्र से कोई जवाब नहीं मिला हैं।
