संजु चौधरी, शिमला: लद्दाख में सोनम वांगचुक की हिमालय बचाओ मुहिम में शिमला के सामाजिक कार्यकर्ता समर्थन में आ गए हैं। सोनम वांगचुक लद्दाख के लेफ्टिनेंट गर्वनर पर मनमानी का आरोप लगा चुके हैं। सोनम वांगचुक के समर्थन में शिमला में भी हिमाचल के सामाजिक कार्यकर्ता एक दिन की भूख हड़ताल पर हैं। माकपा नेता व पूर्व उप महापौर शिमला टिकेंद्र पंवर के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिमला में रिज मैदान पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एक दिन का अनशन किया।
शिमला नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर और सामाजिक कार्यकर्ता टिकेंद्र पंवर का कहना हैं कि लेह लद्दाख में उद्योगों की लापरवाही के चलते ग्लेशियर खत्म होने की कगार पर हैं। जोशी मठ भी प्रकृति से छेड़छाड़ का नतीजा हैं। हिमाचल के किन्नौर में भी विद्युत परियोजनाओं से कई गांव खतरे की जद्द में है। ऐसे हालात में वह दिन दूर नहीं जब यहां भी जोशीमठ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। इनको बचाने की मुहिम शुरू हुई हैं। सोनम वांगचुक के समर्थन और हिमाचल को बचाने के लिए शिमला में भी एक दिन की भूख हड़ताल कर रहे हैं।
