संजु चौधरी, शिमला: 2 मई को शिमला नगर निगम के चुनाव होने हैं। वहीं चुनावों के लिए 30 अप्रैल यानी रविवार को चुनाव प्रचार के थमते ही शहर में राजनीति गरमा गई। रविवार देर रात संजौली के चलौंठी इलाके में एक गाड़ी से शराब बरामदगी के आरोप लगे हैं। यह गाड़ी किसी और की नहीं बल्कि शिमला की पूर्व महापौर सत्या कौंडल के नाम पर रजिस्टर्ड थी। इस गाड़ी को खुद उनके बेटे चला रहे थे। मौके पर मौजूद यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व मेयर के बेटे चुनाव प्रभावित करने के लिए शराब बांट रहे हैं। कई देर तक यहां हंगामा हुआ। मौके पर पहुंचे पुलिस जवानों ने मामला शांत करवाया और फिर वह पूर्व मेयर के बेटे को थाने ले गए।
वहीं मामले में पूर्व महापौर के बेटे तरुण का कहना है कि उनके खिलाफ साजिश रची गई हैं। उन्होंने कहा कि वे जब अपनी चचेरी बहन को छोड़कर वापस घर की तरफ आ रहे थे, तभी अचानक कुछ लोगों ने रास्ते में उनकी गाड़ी रोकी और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद जबरन उनकी गाड़ी में एक पैकेट रखा गया। बाद में उन्हें पता चला कि इस पैकेट में शराब की चार बोतलें हैं। उन्होंने कहा कि उनका इन शराब की बोतल से कोई लेना-देना नहीं हैं। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर ये शराब की बोतलें रखी, ताकि उन पर आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप लगाए जा सके।
वहीं इस मामले में पूर्व महापौर सत्या कौंडल का कहना है कि उनके बेटे के खिलाफ साजिश रची गई हैं। पूर्व मेयर ने आरोप लगाया कि उनकी बेटे पर जानलेवा हमला किया गया। इस दौरान वे फूट-फूटकर रोती हुई भी नजर आई। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इंसाफ देने की गुहार लगाई हैं। सत्या कौंडल ने कहा कि उनके बेटे का राजनीति से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं हैं। उन्होंने लगातार अपने इलाके में रहते हुए शिमला शहर के विकास के लिए काम किया हैं, ऐसे में वे नहीं जानती कि उनके बेटे के साथ यह सब क्यों किया जा रहा हैं।
