अरविंदर सिंह,हमीरपुर: आज के दौर में अभिभावक अपने बच्चे के पैदा होते ही उसकी पढ़ाई को लेकर स्कूल में एडमिशन को लेकर चिंतित हो जाते हैं। अभिभावकों में अपने बच्चे को अच्छे से अच्छे निजी स्कूल में प्रवेश दिलवाने को लेकर होड़ सी लगी हुई हैं।
समय के साथ आम जनमानस में यह भावना घर कर गई है कि निजी विद्यालय सरकारी स्कूलों से अधिक श्रेष्ठ हैं ओर उनके परिणाम भी सरकारी स्कूलों से कहीं बेहतर आते हैं। इसी अवधारणा के चलते आजकल अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजने की बजाए महंगे स्कूलों में भेजना पसंद करते हैं, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो।
निजी स्कूलों की तरफ अभिभावकों की अंधी दौड ने सरकारी स्कूलों मेें छात्रों की संख्या न के बराबर कर दी है, लेकिन इस विकट परिस्थिति में भी कुछ सरकारी स्कूल ऐसे हैं जो निजी स्कूलों को न केवल कड़ी टक्कर दे रहे हैं बल्कि प्रदेश और देश में नाम कमाकर निजी स्कूलों के मुकाबले कहीं आगे निकल गए हैं। अध्यापकों की मेहनत और विद्यार्थियों की लग्न ने इन स्कूलों को हर क्षेत्र में आगे रखकर अपना लोहा मनवाया हैं। इन्हीं विद्यालयों में से एक है, राजकीय उच्च विद्यालय, गुलेला जो कि हमीरपुर जिला के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित हैं।
इस विद्यालय के छात्र शिक्षा व अन्य गतिविधियों में अपनी प्रतिभा की अदभुुत छाप न केवल जिला बल्कि प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी छोडकर अपने विद्यालय और क्षेत्र का नाम ऊंचा कर रहे हैं। इस विद्यालय ने ग्रीन स्कूल कार्यक्रम में जहां गोल्ड पार्टनर अवार्ड हासिल किया हैं, वहीं विद्यालय के छात्र-छात्रों ने विज्ञान के क्षेत्र में भी अपने माॅडल्स प्रदर्शित कर एक सोलर एनर्जी के विभिन्न महत्वों को उभारा हैं। इस तरह की उपलब्धियों पर निजी स्कूलों का ही हक माना जा रहा है लेकिन गुलेला स्कूल के विद्यार्थियों ने लोगों की इस अवधारना को गलत साबित किया हैं।
गत वर्ष इस स्कूल को सेंटर फाॅर साइंस एंड इनवायरमेंट नई दिल्ली ने न केवल ग्रीन स्कूल अवार्ड से सम्मानित ही नहीं किया गया बल्कि इस स्कूल की अध्यापिका पूर्णिमा कुमारी को ग्रीन स्कूल का राष्ट्रीय स्तर पर एम्बेसडर भी बनाया गया हैं। ग्रीन स्कूल में वर्षा जल संग्रहण, परिसर में पौधारोपन, सोलर उपकरणों के प्रयोग, कचरे से धन की अवधारण, विद्यालय परिसर का सौंदर्यीकरण शामिल हैं। स्कूल के ही कुछ छात्रों ने खेल-कूद प्रतियोगिता में जिला व राज्य स्तर पर पदक जीत कर विद्यालय का नाम रोशन किया हैं। इस स्कूल की उपलब्धियों के कारण ही क्षेत्र के अभिभावकों ने इस स्कूल की तरफ अपना रूख किया हैं।
प्रदेश ओर राष्ट्रीय स्तर पर अपने स्कूल का नाम रोशन कर चुकी छात्रा शिवाली शर्मा ने बताया की ग्रीन स्कूल के लिए उन्हें दिल्ली में सम्मानित किया जा चुका है ओर कोरोना के समय में उन्होंने एक सर्वे रिपोर्ट तैयार की थी। इसके साथ ही उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक, वेस्ट मैनेजमेंट भी किया जो कि सभी को बहुत पसंद आया। उन्होंने बताया कि उन्हें सोलिड वेस्ट प्लास्टिक मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के लिए बेस्ट इको वारियर का अवार्ड मिला जो कि 25 हजार रूपए था और विज्ञान के लिए इंस्पायर अवार्ड में उन्हें इनोवेटिव आईडिया के लिए 10 हजार रूपए दिए हैं
इस स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे नन्हें विद्यार्थी आदित्य ने बताया कि उसे इंस्पाय अवार्ड में इनोवेटिव आईडिया के लिए 10 हजार रूपए का इनाम मिला हैं। उन्होंने बताया कि उन्होेने सौर उर्जा संयत्र से मसालों को गर्म रखने का आईडिया जनरेट किया हैं, जिसके लिए उन्हें 10 हजार रूपए इंस्पायर मानक अवार्ड से मिले हैं।
विद्यालय की अध्यापिका एवं ग्रीन स्कूल की ब्रांड एम्बेसडर पूर्णिमा कुमारी ने बताया कि गत वर्ष गुलेला स्कूल को सीएचसी दिल्ली की ओर से ग्रीन स्कूल घोषित किया गया था और इस वर्ष भी इसे ग्रीन स्कूल घोषित किया गया हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए एक ऑडिट प्रोग्राम होता है, जिसमें 6 सेक्शन रहते हैं। इसमें हवा, पानी,लैंड,वेस्ट और एनर्जी का ऑडिट किया जाता हैं। उन्होंने बताया कि वे लगभग आठ साल से इन ऑडिट से जुड़ी हुई थी ओर पिछले दो सालों से उन्हें इसका ब्रांड एम्बेसडर जा रहा हैं । उन्होंने बताया कि इनके छात्र पिछले आठ साल से इंस्पायर अवार्ड के लिए चयनित हो रहे हैं ओर उनके आडिया राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक जा रहे हैं उन्होंने बताया कि काफी छात्र जो हैं गरीब पृष्ठभूमि से हैं लेकिन उनमें एक जज्बा हैं कि उन्होंने कुछ कर दिखाना हैं।
विद्यालय के मुख्याध्यापक प्रकाश ठाकुर ने बताया कि ग्रीन स्कूल प्रोजेक्ट में हमारी स्कूल की दो बच्चियों ने दिल्ली में भी राज्य का प्रतिनिधित्व किया हैं। उन्होंने बताया कि इंस्पायर अवार्ड में हमारे विद्यालय के पिछले दो-तीन साल से बच्चे चयनित होते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके विद्यालय की अध्यापिका पूर्णिमा को ग्रीन स्कूल का राष्ट्र स्तरीय ब्रांड एम्बेसडर भी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले दो सालों से उनके स्कूल की प्रबंधन समिति उच्च विद्यालयों में प्रथम स्थान हासिल कर रही हैं। उन्होंने बताया कि चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस और खेलों में इस विद्यालय के छात्र लगातार प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
