शिमला : कमल भारद्वाज- प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में शिक्षकों की कमी को लेकर जहां सरकार ने स्कूल शिक्षकों के लिए अलग से ट्रांसफर पालिसी बनाने का एलान किया है। वहीं नई ट्रांसफर पालिसी को लेकर हिमाचल राजकीय प्रवक्ता संघ ने साफ तौर पर सरकार को चेता दिया है कि शिक्षकों के साथ सरकार एक्सपेरिमेंट न करे।अगर पालिसी बनानी है तो सभी कर्मचारियों पर इसे लागू किया जाए।यह बात प्रवक्ता संघ ने नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन अवसर पर कही।साथ ही इस अवसर पर अन्य मांगों पर भी मंथन किया गया।
हिमाचल राजकीय स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रधान चितरंजन कालटा ने कहा कि हर सरकार शिक्षकों के साथ एक्सपेरिमेंट करती है।जब भी सरकार सत्ता में आती है तो शिक्षकों पर ही क्यों एक्सपेरिमेंट करने की बात की जाती है।निवर्तमान सरकार ने भी इस विषय मे एक्ट लाने की बात कही थी।अगर सरकार कोई ट्रांसफर पालिसी लाना चाहती है तो सभी कर्मचारियों के लिए पालिसी को लाया जाए ।उन्होंने कहा कि शिक्षक को डरपोक समझा जाता है परंतु शिक्षक की गोद में निर्माण और प्रलय दोनों पलते हैं।शिक्षकों को सरकार अन्यथा न ले और न ही उन पर कोई प्रयोग किया जाए।अगर पालिसी लानी है तो सभी कर्मचारियों के लिए इसे लाया जाए शिक्षक इसका स्वागत करेंगे।
TGT से मुख्याध्यापक पदौन्नत प्रवक्ताओं को भी बनाया जाए
कालीबाड़ी में नई कार्यकारिणी के गठन अवसर पर उन्होंने कहा कि आज पुरानी कार्यकारिणी भंग कर दी गयी है और नई का गठन किया जाएगा।सरकार से संघ यह मांग करता है कि TGT से मुख्याध्यापक बनने है उसमें 26/4/10 से पहले पदौन्नत प्रवक्ताओं को भी बनाया जाए।उन्होंने कहा कि यह गत वर्ष की बजट की घोषणा है जिसे आज तक पूरा नही किया गया है।उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है सरकार उनकी मांगों पर गौर करेगी।
बता दे वर्तमान में उच्च शिक्षा और प्रारंभिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के लगभग 11 हजार पद खाली हैं। दूर दराज के क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी है।जिसको लेकर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा है कि शिक्षकों की कमी को दूर किया जाएगा और शिक्षकों के लिए अलग ट्रांसफर पालिसी बनाई जाएगी। दूर दराज के क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी के कारण यह कि शिक्षक ग्रामीण एरिया के बजाय शहरों में ही अपनी सेवाएं देना चाहते हैं, लेकिन अब यह देखा जाएगा कि जिस समय शिक्षक की ट्रांसफर हो, वह उस एरिया में कम से कम तीन साल अपनी सेवाएं दे। शिक्षक छात्र अनुपात का आंकड़ा भी देखा जाएगा। यदि किसी एरिया में शिक्षकों की संख्या के मुकाबले छात्र ज्यादा हैं, तो उन एरिया पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। वहीं जनजातीय एरिया में शिक्षकों की संख्या कम होने की सबसे ज्यादा शिकायतें आती हैं, तो ऐसे में इन एरिया के लिए अलग से ट्रांसफर पॉलिसी बनाई जाएगी।
