शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश में बागवानी सीजन की तैयारियों के बीच एचपीएमसी (HPMC) की कार्यप्रणाली को लेकर बागवानों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री सुशील कदशोली ने आरोप लगाया है कि निगम के केंद्रों पर आवश्यक उपकरण, खाद, ऑयल और सेब की दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं, जिससे बागवानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से बागवान एचपीएमसी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें जरूरी सामग्री नहीं मिल पा रही है। बागवानी सीजन का महत्वपूर्ण समय निकलता जा रहा है और सरकार इस मुद्दे पर मौन बनी हुई है। कदशोली ने कहा कि बागवानों ने पूर्व में अपनी सेब की बोरियां एचपीएमसी को नियमानुसार उपलब्ध करवाई थीं, ताकि एमआईएस के तहत आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुविधाएं मिल सकें। मगर वर्तमान स्थिति में वही बागवान दर-दर भटकने को मजबूर हैं।उन्होंने प्रदेश सरकार से सवाल किया कि जब विकास कार्यों और सड़कों की बात आती है तो श्रेय लिया जाता है, लेकिन बागवानी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र पर चुप्पी क्यों साधी जा रही है? उन्होंने विशेष रूप से जुब्बल-नावर-कोटखाई क्षेत्र के बागवानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।कदशोली ने मांग की कि सरकार स्पष्ट करे कि एचपीएमसी केंद्रों पर आवश्यक सामग्री कब तक उपलब्ध करवाई जाएगी और निगम की कार्यप्रणाली को कब सुदृढ़ किया जाएगा।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र के बागवान अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
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