Shimla,23 April-मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि राज्य भर में वन संरक्षण अधिनियम (FCA),1980 के प्रावधानों के उल्लंघन कर बनाई गई 2183 सड़कों को नियमित करने के लिए 10 मई,2025 से पहले उच्च न्यायालय में समीक्षा याचिका दायर की जाएगी।
यह निर्णय एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान लिया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इन सड़कों के नियमितीकरण के लिए कानूनी सहायता लेना आवश्यक है।उन्होंने वन विभाग को इस दिशा में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रमुख आँकड़े:
शिमला जोन: 613 सड़कें
मंडी जोन: 821 सड़कें
हमीरपुर जोन: 254 सड़कें
कांगड़ा जोन: 495 सड़कें
बता दें कि ये सड़कें वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 के तहत बनाई गई थीं,जिसे हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2016 में लागू किया गया।इस अधिनियम का उद्देश्य परंपरागत रूप से वन भूमि पर आश्रित समुदायों को कानूनी वन अधिकार देना है।
बैठक में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, विधि सचिव शरद कुमार लगवाल,अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय सूद एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी।
