राकेश,ऊना: जिला ऊना के संतोषगढ़ स्थित श्री गुरु रविदास मंदिर में सालाना जोड़ मेले में रविवार को हिमाचल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। राज्यपाल का मंदिर पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया और मंदिर कमेटी के सदस्यों की ओर से ढोल-नगाड़े के साथ उनका स्वागत कर मंदिर तक ले जाया गया। मंदिर पहुंचते ही राज्यपाल ने गुरु रविदास महाराज की का आशीर्वाद लिया और मंदिर में लगी प्रदर्शनियों को देखा।
इस दौरान मंदिर कमेटी के सदस्य की ओर से लगाई गई प्रदर्शनियों के बारे में उन्हें विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान राज्यपाल ने मंदिर को बचाने वाले संघर्ष समिति के सदस्यों को पटका पहना कर उन्हें सम्मानित किया और इस मंदिर संघर्ष समिति में अहम योगदान देने वाले पंजाब के पूर्व विधायक शिंगारा राम सूंगडा के परिवार को भी सम्मानित किया। वहीं मंदिर कमेटी की ओर से राज्यपाल और उनके साथ आए बीजेपी विधायक सतपाल सत्ती, डीसी ऊना राघव शर्मा को महाराज जी का स्मृति चिन्ह और पटका देकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान एक लड़की की ओर से महामहिम राज्यपाल का स्केच बनाकर भी उन्हें भेंट किया गया। महामहिम राज्यपाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें यहां पर आकर काफी खुशी महसूस हो रही हैं। इस जोड़ मेले के पीछे संघर्ष समिति ने जो कष्ट झेले हैं उन्हें लिखित रूप में इतिहास में आगे लाने की जरूरत हैं। उन्होंने गुरु रविदास महाराज की ओर से दिए गए उपदेशों पर अमल किए जाने की बात कही और मंदिर कमेटी की ओर से जोड़ मेले को लेकर हार्दिक बधाई दी हैं।
इसलिए मनाया जाता हैं जोड़ मेला
जनवरी 2005 को संतोषगढ़ के गुरु रविदास मंदिर को बचाने के लिए जिला ऊना सहित हिमाचल, पंजाब और अन्य राज्यों के साथियों ने संघर्ष किया था। 100 से ज्यादा क्रांतिकारी सार्थियों ने उस समय 35 दिन जेल यातनाएं भी झेली थी। संघर्ष के बाद संतोषगढ़ में भव्य मंदिर आज स्थापित हैं। इसी याद में मेले को शान और श्रद्धाभाव से मनाया जाता हैं।
