Shimla-हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को नशे के विरुद्ध जागरूक करना और खेलों के प्रति आकर्षित करना है। यह प्रतियोगिता हिमाचल प्रदेश पेशेवर मुक्केबाज़ी संघ द्वारा ‘नशा छोड़ो – खेल खेलो’ अभियान के अंतर्गत आयोजित की गई है।
युवाओं से की खेलों को अपनाने की अपील
राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि यह प्रतियोगिता केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश है, जो नशामुक्त हिमाचल के संकल्प को मज़बूती देता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलों से जोड़ने से उन्हें नशे की बुराइयों से दूर रखा जा सकता है और वे एक स्वस्थ, अनुशासित व उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर अग्रसर हो सकते हैं।राज्यपाल ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और सोच से प्रदेश को नई दिशा मिली। उन्होंने कहा, “यह प्रतियोगिता उनके प्रति सम्मान भी है और एक प्रेरणा भी।”उन्होंने युवाओं से अपील की कि खेलों को जीवन का हिस्सा बनाएं, क्योंकि यह न केवल शरीर को स्वस्थ बनाता है, बल्कि मानसिक दृढ़ता और आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि हम चाहते हैं कि हिमाचल ‘देवभूमि’ बना रहे, तो हमें इसे ‘नशे की भूमि’ बनने से रोकना ही होगा।
राज्यपाल ने इस आयोजन के लिए संघ को बधाई दी और विशेष रूप से लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की सराहना की, जो युवाओं के बीच नशे के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।इससे पूर्व राज्यपाल ने भारत और रूस के मुक्केबाज़ों के बीच मुकाबले का भी आनंद लिया।
