Shimla, 16 July-हिमाचल प्रदेश में वन विभाग ने इस वर्ष बंजर और खाली पड़ी भूमि पर हरियाली लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। राज्य में कुल 1820 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण किया जाएगा, जिसमें विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के तहत कार्यान्वयन किया जाएगा।
वन बल प्रमुख एवं सीपीडी जाइका, समीर रस्तोगी ने जानकारी दी कि वन विभाग स्वयं 1000 हेक्टेयर भूमि पर पौधे रोपेगा, जबकि राजीव गांधी वन संवर्द्धन योजना के तहत 600 हेक्टेयर और जाइका वानिकी परियोजना के अंतर्गत 220 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण किया जाएगा। इस प्रकार कुल 1820 हेक्टेयर भूमि को हरियाली से आच्छादित किया जाएगा।वन विभाग ने इस बार एक हजार हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण का लक्ष्य रखा है, साथ ही राजीव गांधी योजना और जाइका परियोजना के जरिए 820 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को भी हरित किया जाएगा।”
स्थानीय सहभागिता से मजबूत होगा हरियाली का अभियान
इस अभियान की शुरुआत राज्य स्तरीय वन महोत्सव के माध्यम से जल्द की जाएगी। विशेष बात यह है कि इस बार केवल वृक्षारोपण तक ही सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी को भी इस योजना का अहम हिस्सा बनाया गया है।महिला मंडलों, युवक मंडलों और स्वयं सहायता समूहों को न सिर्फ पौधारोपण की जिम्मेदारी दी जाएगी, बल्कि वे पांच वर्षों तक पौधों की देखभाल भी करेंगे। इससे पौधों की दीर्घकालिक जीवंतता सुनिश्चित होगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
फलदार वृक्षों से पर्यावरण के साथ आर्थिक लाभ भी
राजीव गांधी वन संवर्द्धन योजना के तहत फलदार वृक्षों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों को आर्थिक मदद भी मिल सके। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा 2 जून को हमीरपुर में इस योजना की शुरुआत की गई थी।
पिछले वर्ष जाइका परियोजना के तहत 1296 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण किया गया था, वहीं मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना के तहत 100 हेक्टेयर भूमि पर हरियाली लाई गई थी। इस वर्ष का लक्ष्य इन आंकड़ों से कहीं आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है।
