कुल्लू : मनमिंद्र अरोड़ा- कुल्लू जिला में बच्चों को मीजल्स रूबेला वैक्सीन लगाने के लिए स्वास्थ विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी । इस कैंपेन में 9 महीने से लेकर 11 महीने तक पहली और और दूसरी डोज़ 18 से 24 महीने तक के बच्चों को लगाई जाएगी।
दिसंबर 2023 तक सभी बच्चों का किया जाएगा टीकाकरण
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नागराज पवार ने बताया कि इस अभियान को चलाने के लिए तमाम तैयारियां पूरी कर दी गयी है। दिसंबर 2023 तक जिला को मीजल्स-रूबेला मुक्त करने का प्रयास रहेगा । सीएमओ कुल्लू डॉक्टर नागराज पवार ने बताया कि भारत सरकार के दिशा निर्देशों अनुसार इस अभियान पर नजर भी रखी जाएगी बच्चों में वैक्सीनेशन ड्रॉपआउट रेट 95% से कम ना हो इसके लिए भी कार्य किया जा रहा है। और ऐसे बच्चे जो किसी कारणवश वैक्सीन लगाने से छूट गए हैं। उनके लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा ताकि जिला को मीज़ल रूबेला से मुक्त रखा जाए साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिला में फ्लोटिंग पॉपुलेशन की भी जानकारी रखी जाएगी ताकि बाहर से आने वाले अप्रवासी कामगारों के बच्चों को भी वैक्सीनेट किया जा सके
क्या है मीजल्स रूबेला
WHO के अनुसार, भारत में हर साल मीजल्स रूबेला के कारण बहुत से बच्चों की मौत हो जाती है। यह बीमारी खासतौर पर बच्चों में पाई जाती है। यह बीमारी एक बच्चे से दूसरे बच्चे में आसानी से फैलती भी है। इस बीमारी में सांस की नली, नाक और फेफड़े संक्रमित हो जाते हैं। मीजल्स रूबेला के चलते शरीर पर लाल रंग के चकत्ते पड़ जाते हैं और आंखों से पानी आने लगता है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बच्चों को रूबेला टीका देना अनिवार्य कर दिया गया है।
मीजल्स रूबेला को हिंदी में खसरा कहा जाता है। यह रोग वसंत ऋतु में सबसे ज्यादा फैलता है। यह मुख्य रूप से बच्चों को अधिक प्रभावित करता है। यदि खसरा से बचने के लिए बच्चों को टीका लगा हो तो फिर उसे कोई खतरा नहीं रहता है।
भारत में हर रोज करोड़ों बच्चों का जन्म होता है और इन बच्चों को जिंदगी भर स्वस्थ रखने के लिए पहले दिन से अगले कुछ वर्षों तक नियमित तौर पर कुछ टीके लगाए जाते हैं। इस दौरान बच्चों को खसरा (Measles), टीबी (BCG), हेपेटाइटिस (Hepatitis), रोटा वायरस (Rotavirus), आदि बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगाए जाते हैं।
इनमें से ज्यादातर टीके सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त में लगाए जाते हैं. जो नर्स या डॉक्टर इन टीकों को लगाकर आपके बच्चे को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
