सोलन/योगेश शर्मा: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने धर्मपुर क्षेत्र के लोगों के लिए 3.51 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लोकापर्ण व शिलान्यास किए। स्वास्थ्य मंत्री ने धर्मपुर में 1.15 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित बायो सेफटी लैब, 1.20 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित राज्य टीबी ड्रग स्टोर, लगभग 26 लाख रुपये की लागत से निर्मित उप मण्डी धर्मपुर के विस्तारीकरण तथा जल शक्ति मंडल का उदघाटन किया। उन्होंने 90 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले सहायक अभियंता (यांत्रिक) के कार्यालय एवं आवास का शिलान्यास भी रखा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य क्षय रोग दवा भंडारण बनने से हिमाचल प्रदेश में क्षय रोग रोकथाम में सहायता मिलेगी तथा प्रधान मंत्री द्वारा 2025 तक क्षय रोग मुक्त भारत का लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग भारत सरकार के क्षय रोग मुक्त भारत बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उत्कृष्ट प्रयास कर रहा है और इन्ही प्रयासों से हिमाचल प्रदेश, देश का पहला क्षय रोग मुक्त राज्य बनने वाला है। हिमाचल सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करने तथा लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से हाल ही में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में 300 अतिरिक्त चिकित्सा अधिकारियों के पद स्वीकृत किए है जोकि शीघ्र भरे जायेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वस्थ हिमाचल का सपना जो देखा गया था, उसे मूर्त रूप देने में सरकार सफल रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं, प्रदेश के जरूरतमंदों का सहारा बनी है। स्वास्थ्य सुविधाओं को गुणात्मक एवं सर्वसुलभ बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने अनेक योजनाएं आरम्भ की है। राज्य सरकार द्वारा गत साढ़े चार वर्षों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया। स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़िकरण से प्रदेश के लोगों को उत्कृष्ट उपचार सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। डॉ. राजीव सैजल ने कहा कि हिमाचल में ही विश्व स्तरीय सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हाल ही में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा शिमला के चमयाना में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 262 करोड़ रुपए की लागत से अटल अति विशिष्ट चिकित्सा संस्थान का उद्घाटन किया गया।
स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए 42 करोड़ रुपये की लागत से एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर का शिलान्यास भी किया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुधार व विकास के लिए किए गए प्रयासों का ही परिणाम है कि राज्य को स्वास्थ्य क्षेत्र में अर्जित उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी प्राप्त हुए है। उन्होंने कहा कि राज्य की अधिकांश आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के व्यापक विस्तार के लिए प्रदेश सरकार ने अनेक कदम उठाए है। प्रदेश सरकार की हिमकेयर तथा सहारा जैसे अभिनव योजनाएं, जरूरतमंदो को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने में वरदान साबित हो रही है। गम्भीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष गठित किया गया है। इलाज के लिए प्रदेश के सभी सरकारी अस्पताल, पी.जी.आई चण्डीगढ़, सरकारी अस्पताल सेक्टर-32, चण्डीगढ़, एम्स दिल्ली तथा प्रदेश सरकार द्वारा आयुष्मान भारत के अंतर्गत पंजीकृत सभी अस्पताल प्राधिकृत किए गए है।
