मंडी/परी शर्मा: मुख्यमंत्री ने मंडी में ‘एक शाम मंडी के कर्मचारियों के नाम’ कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर उन्होंने एनजीओ भवन के लिए 15 लाख और कर्मचारियों के सरकारी आवास के मरम्मत के लिए 2 करोड़ रुपए की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कर्मचारी सरकार की रीढ़ हैं और वे सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के नेता ओपीएस के नाम पर प्रदेश के कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग के बिना यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान का एरियर इस वर्ष सितंबर माह के वेतन में प्राप्त होगा। इससे राज्य के लगभग 2.25 लाख कर्मचारी और 1.90 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि एक जनवरी 2016 से 31 मार्च, 2022 तक संशोधित यूजीसी स्केल पर अनुमानित 337 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे।
राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध कांग्रेसी नेताओं को रास नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध कांग्रेसी नेताओं को रास नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के एक युवा कांग्रेसी नेता ने उन्हें कर्मचारियों से सख्ती से कार्य करवाने की सलाह दी थी, लेकिन उनका मानना है कि जो कार्य दबाव से हासिल नहीं किया जा सकता, वह आपसी सौहार्द को स्थापित करके किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में ‘हिमाचल प्रदेश कौशल विकास और रोजगार निगम कंपनी’ गठित करने का निर्णय लिया है जो सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों इत्यादि में कुशल, अर्द्ध-कुशल और अन्य श्रम शक्ति की तैनाती सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी ।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति 60 वर्ष निर्धारित करने पर भी विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का भी शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चतुर्थ श्रेणी के सभी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति 60 वर्ष निर्धारित करने पर भी विचार करेगी। उन्होंने मंडी में एनजीओ भवन के लिए 15 लाख रुपये और मंडी में कर्मचारियों के लिए सरकारी आवास की मरम्मत के लिए 2 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के परिचालकों और जिला परिषद के कर्मचारियों की समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जल रक्षकों की अंशकालिक अवधि को 12 से कम कर 8 वर्ष करने पर भी विचार करेगी।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के लिए हाउस बिल्डिंग एडवांस की दरों, पात्रता और सीलिंग में संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान कर हाउस बिल्डिंग एडवांस की अधिकतम सीमा अब मूल वेतन का 25 गुना की है। उन्होंने कहा कि 12 वर्ष तक निरंतर सेवा देने वाले पंचायत चौकीदारों को भी दिहाड़ीदार बनाया जाएगा।
कर्मचारियों की मांगों को बताया
मुख्यमंत्री को कर्मचारी संघ मंडी ने 1,11,111 रुपए का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए भेंट किया। इस अवसर पर एनजीओ मंडी के अध्यक्ष चमन ठाकुर ने मुख्यमंत्री और अन्य कर्मचारी नेताओं का स्वागत करते हुए कर्मचारियों की विभिन्न मांगों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।
