राहुल चावला, शाहपुर: प्रदेश में कोरोना काल में भर्ती किए गए स्वास्थ्य कर्मियों को बीते 4 माह से वेतन नहीं मिल पाया हैं। वेतन न मिलने से यह स्वास्थ्य कर्मी परेशान चल रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य कर्मियों को अपने भविष्य को लेकर भी चिंता सता रही हैं। अपने भविष्य को लेकर परेशान चल रहे हैं या स्वास्थ्य कर्मी बुधवार को मुख्यमंत्री के शाहपुर में दौरे के दौरान उनसे मिलने के लिए पहुंचे थे।
शाहपुर में नोवावैक्स कोविड-19 यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष निशिता ने कहा कि सरकार बताए कि हमें क्यों बेरोजगार किया जा रहा हैं? उन्होंने कहा कि हमारे भविष्य व रोजगार के बारे में सरकार ने जल्द स्थिति स्पष्ट नहीं की तो हमें आंदोलन का रास्ता इख्तियार करने को मजबूर होना पड़ेगा, क्योंकि हमें वेतन मिले 4 माह का समय बीत चुका है, ऐसे में हम परिवार कैसे चलाएंगे।
निशिता ने कहा कि हमें कोरोना काल में रखा गया था, उसके बाद भी हम लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हमने ऐसे समय में सेवाएं दी हैं, जब परिवार के सदस्य ही कोविड के कारण एक-दूसरे से मिलने से कतराते थे। विकट परिस्थितियों में सेवाएं देने के चलते सरकार को हमारे बारे में सोचना चाहिए, न कि बार-बार हमें नौकरी से बाहर करने के बहाने ढूंढने चाहिए।
उन्होंने कहा कि पहले एक अप्रैल को भी हमारी सेवाएं समाप्त कर दी गई थी, मंत्री के कहने पर हमें रिज्वाइन करवाया गया था। अब फिर से सरकार ने वही रवैया अपनाना शुरू कर दिया हैं। हालांकि सीएम ने आश्वासन दिया था कि आपके कार्यकाल को बढ़ा दिया जाएगा, लेकिन अब फिर से कोविड-19 कर्मियों को बाहर करने का प्रयास किया जा रहा हैं।
उन्होंने कहा कि अन्य जिलों से कोविड कर्मियों को निकाल दिया गया हैं, अकेले कांगड़ा के ही कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। और सरकार को चेताया है कि यदि उन्हें आंदोलन का रास्ता इख्तियार करना पड़ा तो सरकार को भी मुश्किल हो सकती हैं। ऐसे में सरकार से यही आग्रह है कि हमारे लिए नीति बनाई जाए, अन्यथा आंदोलन को लेकर तैयार रहे।
