मंडी : धर्मवीर – पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह विधानसभा क्षेत्र के साथ लगते हल्के का खस्ताहाल सड़क का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सवारियां एचआरटीसी बस से नीचे उतरकर सड़क पर पड़े गड्ढों को पत्थरों से भर रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो करसोग के प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल माहुंनाग- सरत्योला सड़क का है। इस सड़क पर ना केवल सवारिया जान जोखिम में डालकर सफर कर रही हैं बल्कि बस से नीचे उतरकर सड़कों में पड़े गड्ढों को पत्थर से भरकर सफर भी कर रही हैं। हैरानी की बात यह है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 3 करोड़ की लागत से निर्मित 7 किलोमीटर इस कच्ची सड़क में न क्रेश बेरियर है और न ही एक भी पैरापिट लगा है।
गंतव्य स्थल पर पहुंचने के लिए रोजाना भरने पड़ते हैं गड्डेंः
सवारियों की माने तो यहां सफर करते वक्त उन्हें खुद बस से नीचे उतर कर गड्डे भरने पड़ रहे है। तभी वह अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचते है। स्थानीय जनता कई बार उच्चाधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त सीएम हेल्पलाइन के 1100 नंबर पर भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन लोगों की किसी भी स्तर परसुनवाई नहीं हुई है। ऐसे में जनता में सरकार के खिलाफ भारी रोष है।
जान हथेली पर रखकर सफर करते हैं लोग:
माहुंनाग- सरत्योला सड़क में को लेकर पीडब्ल्यूडी की कार्यप्रणाली पर शुरू से ही सवाल उठ रहे हैं। इस सड़क का का निर्माण कार्य 23 मार्च 2018 को आरंभ हुआ था, जिसे 23 सितंबर 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से सड़क निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है। हालांकि परिवहन निगम ने इस मार्ग पर बस सेवा आरंभ कर दी है। लेकिन जमीनी हकीकत ये है लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं है। 7 किलोमीटर लंबी सड़क में न तो क्रेश बैरियर हैं और न ही कहीं पर एक भी पैरापिट लगा है। ऐसे रोजाना लोग जान हथेली पर सफर करने को मजबूर हैं। यही नहीं सड़क कटिंग के दौरान सड़क मार्ग में जगह जगह पर बिखरे रोड़ों की वजह से बस के स्किड होने के भी अंदेशा बना हुआ है।
कई गांवों की जनता करती है सफर:
आजादी के सात दशक बाद भले ही सरत्योला पंचायत सड़क सुविधा से जुड़ गई हो, लेकिन कच्ची और खस्ताहाल सड़क पर लोगों का सफर जरा सा भी आरामदायक और सुरक्षित नहीं है। ग्राम पंचायत के तहत पड़ने वाले बालु कुफरी, शील सरत्यौला चलाऔणी, सराहल, चिमटी व कुटल आदि गांव के लोगों की सफर करते वक्त गहरी खाई देखर रूह कांपती है। लेकिन पीडब्ल्यूडी को लोगों की जान को कोई चिंता ही नहीं है।
वहीं जब सड़क की खस्ताहाल के बारे में चीफ इंजीनियर मंडी जोन एनपीएस चौहान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला ध्यान में आया है। इस बारे में संबंधित अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सड़क रिपेयर करने के आदेश दिए जा रहे हैं।
