विकास शर्मा,चिंतपूर्णी: दीपों के त्यौहार दीपावली पर्व पर घरों को रोशन करने के लिए लोग ज्यादा से ज्यादा मिट्टी के दीयों का इस्तेमाल करें इसके लिए चिंतपूर्णी में नरेंद्र कुमार अपनी दुकान पर स्थानीय लोगों को दीपावली के त्यौहार के मद्देनजर मिट्टी के दीये बेच रहा है। दुकानदार ने बताया की गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद उन्होंने प्रण लिया था कि कभी भी चीन में बने हुए उत्पादों को नहीं बेचेंगे क्योंकि चीन ने हमेशा ही भारत की पीठ में छुरा घोंपा है, जिसके बाद वह मिट्टी के दीये अपने स्थानीय कारीगरों से बनवा कर अपनी दुकान पर बेच रहे हैं।
उनकी इस पहल से एक ओर जहां स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिल रहा है तो वहीं उनकी स्थानीय पंचायत डूहल भंटवाला के कुम्हारों को रोजगार मिल रहा है। इसके साथ ही चीन के उत्पादों का अपने आप ही बहिष्कार हो रहा है। नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस बार उन्हें पिछले वर्ष के मुकाबले ज्यादा दीये बिकने की संभावना है क्योंकि लोकल फॉर वोकल केंद्र सरकार की मुहिम का प्रभाव शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ा है जिससे लोगों में अपने स्थानीय ओर स्वदेशी उत्पादों को प्रमोट करने और उन्हें खरीदने की जिज्ञासा बढ़ी है। इसका सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को हो रहा है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों के जो पुरानी रोजगार के साधन हैं वह फिर से पुनर्जीवित हो रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आय बढ़ रही है।
