Shimla,14 December-:पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार जनता को दी गई झूठी गारंटियों का जवाब देने के बजाय दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में रैलियां निकालने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि जिन गारंटियों के नाम पर जनादेश हासिल किया गया, उनका हिसाब देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी थी, लेकिन मुख्यमंत्री और उनके मंत्री इससे बचने की कोशिश कर रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस समय कई गंभीर समस्याओं और आपदा की चुनौतियों से जूझ रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री और पूरी सरकार दिल्ली में आलाकमान को खुश करने में लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा के समय सदन में चर्चा और राहत कार्यों की समीक्षा छोड़कर भी मुख्यमंत्री राजनीतिक रैलियों में शामिल हुए, जो सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व लगातार संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रहा है। चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और भाजपा को वोट देने वाले नागरिकों पर सवाल उठाकर कांग्रेस देश के जागरूक मतदाताओं का भी अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले हिमाचल की जनता से झूठी गारंटियों के नाम पर जनादेश हासिल करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार के भीतर अंतर्कलह, मंत्रियों और विधायकों की मजबूरी तथा अधिकारियों और करीबी लोगों की मनमर्जी के चलते व्यवस्था परिवर्तन का दावा करने वाली सरकार खुद ही चरमराने लगी है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों के लिए निर्धारित धनराशि से सरकार ने अपने तीन साल पूरे होने का जश्न मनाकर अपनी असंवेदनशीलता उजागर की है।उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में भाजपा को मिल रहा जनसमर्थन और कांग्रेस की लगातार हो रही हार से सुक्खू सरकार बौखलाई हुई है। अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए सरकार मनगढ़ंत अभियानों का सहारा ले रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि झूठी गारंटियों के सहारे सत्ता में आई सरकार को वोट अधिकार यात्रा निकालने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।इसके साथ ही जयराम ठाकुर ने सिरमौर जिले के पश्मी गांव में छत्रधारी चालदा महासू महाराज के पावन आगमन का स्वागत करते हुए देवभूमि हिमाचल की सुख-शांति, समृद्धि और आपदा से रक्षा की कामना की।
