Bilaspur, Subhash-:गावर कंपनी के खिलाफ स्थानीय मजदूरों और टिप्पर ऑपरेटरों का धरना प्रदर्शन सातवें दिन भी लगातार जारी रहा। लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन के बीच यूनियन प्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के बीच एक अहम बैठक आयोजित की गई, लेकिन यह बैठक भी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। बैठक के असफल रहने से आंदोलनकारियों में नाराजगी और बढ़ गई है।
यूनियन के चेयरमैन सतदेव शर्मा ने प्रशासन और कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार बातचीत के बावजूद न तो प्रशासन की ओर से और न ही कंपनी प्रबंधन की तरफ से कोई स्पष्ट और भरोसेमंद आश्वासन दिया गया है। इससे मजदूरों और स्थानीय टिप्पर ऑपरेटरों में भारी रोष व्याप्त है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही स्थानीय लोगों को रोजगार देने और उनकी जायज मांगों को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। सतदेव शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि आंदोलन के उग्र होने की स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और गावर कंपनी की होगी।धरना स्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कंपनी द्वारा बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार से वंचित होना पड़ रहा है। यही वजह है कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई सड़कों पर उतरकर लड़ने को मजबूर हैं।यूनियन नेताओं ने दो टूक कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। लगातार बेनतीजा बैठकों से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
