संजु चौधरी, शिमला: हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम करोड़ों के घाटे में चल रहा है हालात यह है कि निगम की मासिक आय कम है जबकि खर्चा उससे अधिक हो रहा हैं। यही वजह है कि परिवहन निगम के कर्मचारियों की देनदरियां है भाई समय पर चुकता नहीं हो पा रही हैं। हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम इस समय 1355 करोड़ के घाटे में चल रहा हैं। निगम की मासिक आय 65 करोड़ है जबकि खर्च 144 करोड़ रुपए होते हैं। यह खुलासा मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता के।दौरान किया।
उन्होंने बताया की एचआरटीसी के 4100 से ज्यादा रूट चल रहे हैं। एचआरटीसी की 1199 बस अपना जीवन पुरा कर चुकी हैं, जिनमें से 369 बसों को बेड़े से हटाया जा रहा हैं, उनके स्थान पर 600 नई बसें खरीदी जाएंगी। एचआरटीसी के बेड़े में 196 नई बसें शामिल की गई हैं। 75 इलेक्ट्रिकल बसों का ऑर्डर दे दिया गया हैं ओर 225 और नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि नई बसें आने से HRTC के बेड़े 300 इलेक्ट्रिक हो जाएंगी इसके साथ डीजल बसें भी रखनी पड़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में हो रही देरी पर कहा कि कर्मचरियों को हर माह 7 तारीख को वेतन दे दिया जाएगा। 7700 पेंशनरों को पेंशन देने में देरी हो रही हैं। सरकार 9 करोड़ पेंशन के लिए दे रही हैं। 39 माह का रात्रि भत्ता लंबित पड़ा है उसका भी प्रावधान किया जा रहा हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अवैध वॉल्वो बस माफ़िया पर नकेल कसने के लिए कैबिनेट में फैसला ले लिया है। उनसे अब 5 हजार प्रति दिन के हिसाब से टैक्स वसूल जाएगा। इसस 9 लाख सालाना आय होगी। एचआरटीसी में ओपीएस लागू करने का फै़सला लिया गया हैं जिसके लिए कर्मचारी तैयार हैं। एचआरटीसी कर्मियों से एचआरटीसी की आय बढ़ाने के लिए यूनियन से सुझाव मांगे गए हैं।
एचआरटीसी को घाटे से उभारने के लिए कड़े नियम होंगे लागू
एचआरटीसी को घाटे से उभारने के लिए आने वाले समय में कड़े नियम बनाए जायेंगे। घाटे के रूटों को बंद करने सहित रियायतें देने वाले फैसलों पर विचार किया जाएगा। राजनीतिक आधार पर लगी शून्य आय की बसों को रिव्यू किया जाएगा। जिन ढाबों में सस्ती व अच्छी रोटी मिलेगी वहां एचआरटीसी की बसें खड़ी होगी। राजनीतिक नियुक्तियों पर भी रिव्यू होगा। उन्होंने कहा की 69 करोड़ यदि हर माह सरकार एचआरटीसी को दे देगी तो कर्मियों के वेतन व पेंशन की समस्या खत्म हो जाएगी।
