शिमला, 10 मार्च -:मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के नए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने शिमला स्थित लोकभवन में पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। उन्हें हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधवालिया ने शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मंत्रिमंडल के कई सदस्य, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। राज्यपाल ने हिंदी में शपथ ग्रहण की, जबकि मुख्य सचिव ने राष्ट्रपति द्वारा जारी नियुक्ति वारंट पढ़कर सुनाया।
इस शपथ समारोह की खास बात यह रही कि पहली बार कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ के सभी छह छंद गाए गए। राज्यपाल ने इसे एक नई परंपरा की शुरुआत बताते हुए कहा कि अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और कई महत्वपूर्ण आयोजनों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गीत के दौरान सभी लोगों को उसी तरह खड़े होकर सम्मान देना होगा, जैसे राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समय दिया जाता है।
मीडिया से बातचीत करते हुए कविंद्र गुप्ता ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में वंदे मातरम के सभी छह छंद पढ़ाने के निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें भी केवल एक ही छंद ज्ञात था, इसलिए अब नई पीढ़ी को इसकी पूरी जानकारी दी जानी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के विकास और हितों के लिए वह केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल की आवाज मजबूती से उठाएंगे और इसके लिए अपने संपर्कों का भी उपयोग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की प्रगति के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सरकार और विपक्ष दोनों को साथ मिलकर काम करना चाहिए।राज्यपाल ने युवा कल्याण, जनजातीय विकास, कौशल आधारित शिक्षा और नशा मुक्ति को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
कविंद्र गुप्ता का जन्म 2 दिसंबर 1959 को जम्मू में हुआ था। चार दशक से अधिक के सार्वजनिक जीवन में वे विभिन्न राजनीतिक और प्रशासनिक पदों पर रह चुके हैं। वे जम्मू नगर निगम के पहले महापौर रहे, 2014 में गांधीनगर से विधायक बने और 2015 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष भी चुने गए। बाद में वे राज्य के उपमुख्यमंत्री रहे और 2025 में लद्दाख के उपराज्यपाल नियुक्त किए गए। अब उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है।
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