राहुल चावला, धर्मशाला: हिमाचल सरकार की ओर से धर्मशाला में आयोजित जी-20 सम्मेलन में आए विदेशियों को हिमाचली उत्पाद बेहद भा गए हैं। ऐसे में इन उत्पादों की नेशनल ब्रांडिंग का प्रयास जी-20 सम्मेलन के माध्यम से सफल होता नजर आ रहा हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से जी 20 सम्मेलन के लिए आयोजन स्थल पर लगाई गई हिमाचली उत्पादों की प्रदर्शनी में विदेशी मेहमानों ने खूब रूचि ली। डेलीगेट्स और उनके साथ परिजनों ने प्रदर्शनी व बिक्री काउंटरों पर न सिर्फ इन उत्पादों के बारे में जानकारी ली, बल्कि जमकर खरीदारी भी की।
नितिका सिंह ने कहा कि गिलोए आज तक जड़ी-बूटियों और सिर्फ सिरप में ही पाया जाता था,लेकिन पहली बार गिलोय को फूड प्रोडक्ट के तौर पर उतारा गया हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत में ही नहीं बल्कि विश्व में गिलोय से बनने वाली पहली फूड आइटम हैं। उन्होंने कहा कि गिलोय को अमृता कहा जाता है और इसका प्रयोग बीमारी के लिए भी किया जाता हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास था कि कोई ऐसा प्रोडक्ट तैयार किया जाए जोकि स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हो।
नितिका सिंह ने कहा कि उनका प्रयास है कि इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सके। उन्होंने कहा की इस समय उनकी संस्था के साथ करीब 30 से 40 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस प्रोडक्ट की मार्केटिंग के लिए बेहतर प्रयास किए जाए।
जी-20 सम्मेलन के दौरान होटल रेडिसन ब्लू में नगरोटा बगवां की आसरा फाउंडेशन की ओर से भी गिलोए से तैयार खाद्य उत्पादों की प्रदर्शनी का स्टॉल लगाया गया था। विदेशी मेहमानों ने इस दौरान गिलोए, मखाना आचार और गिलोए ऐलु चटनी खरीदी। उन्होंने बताया कि इन खाद्य उत्पादों को खरीदने से पहले उन्होंने पहले इनका स्वाद चखा। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था की ओर से तैयार किए गए इन खाद्य उत्पादों को सीएसआईआर पालमपुर की ओर से पूरी टेस्टिंग के बाद अप्रूवल दी गई है।
