राहुल चावला, धर्मशाला: हिमाचल में आने वाले पर्यटकों में साहसिक गतिविधियों में पैराग्लाइडिंग करने को लेकर खासा उत्साह देखा जाता है लेकिन इस बार पैराग्लाइडिंग पर भी मंदी की मार पड़ गई है। इस धंधे को लेकर नुकसान का सामना पायलटों को करना पड़ रहा है। मंदी का यह आलम धर्मशाला की इंद्रुनाग पैराग्लाइडिंग साइट में हैं जहां पर्यटकों की आमद कम होने से पैराग्लाइडर्स को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
साइट पर पर्यटकों की आमद ना होने से पायलट परेशान है और उन्हें अपनी रोजी-रोटी पर भी खतरा मंडराता हुआ नजर आ रहा है। पायलटों का कहना है कि गर्मियों में पैराग्लाइडिंग का सीजन अच्छा गया था, लेकिन सर्दियों में अब मौसम अनुकूल होने के बावजूद भी पर्यटक पैराग्लाइडिंग के लिए नहीं पहुंच रहे हैं।
इंद्रुनाग पैराग्लाइडिंग साइट पर इस समय 35 पायलट काम कर रहे हैं। इन पायलटों को गर्मियों में तो अच्छा टूरिस्ट होने की वजह से काम मिल रहा था लेकिन विंटर सीजन में पर्यटकों की आमद यहां कम होने की वजह से इस बार उन्हें काम नहीं मिल पा रहा है।
वहीं बात पिछले वर्ष की जाए तो कोविड के बाद भी पैराग्लाइडिंग का धंधा ठीक गया था। सर्दियों में भी पर्यटक पैराग्लाइडिंग के लिए पहुंचे थे, लेकिन इस बार पर्यटकों की आमद ना होने से धंधा मंदा चल रहा है।
