राहुल चावला , धर्मशाला: प्रदेश के मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करके मंदिर कमेटियों को सौंपा जाए और प्रदेश में हिंदू मंदिर एक्ट बनाया जाए। मंदिर के दान से गुरुकुल, अस्पताल, स्कूल व धर्मशालाएं खोली जाएं। यह मांग हिंद क्रांति दल की ओर से प्रदेश सरकार से की गईं हैं। अपनी इसी मांग को लेकर सोमवार को दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज नन्हा और प्रदेशाध्यक्ष रमेश कालिया ने जिला प्रशासन के माध्यम से सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू को इस बारे ज्ञापन भेजा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कॉऊ सेस के बावजूद गौ धन सड़कों पर बेसहारा घूम रहा हैं। कॉऊ सेस के पैसे से गौसदनों का निर्माण कर सड़कों से बेसहारा गौ धन को गौसदनों में रखा जाए। दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज नन्हा ने कहा कि प्रदेश के मंदिरों को यहां आने वाले श्रद्धालु लाखों करोड़ों रुपए का दान देते हैं। मंदिरों का सारा चढ़ावा और सोने-चांदी के छत्तर, जेबरात सरकारी खजाने में चले जाते हैं। उन्होंने मांग की है कि मंदिरों व धार्मिक स्थलों को सरकार अपने नियंत्रण से मुक्त करके मंदिर कमेटियों को इन मंदिरों के रखरखाव के लिए सौंप दे। मंदिरों के चढ़ावे से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सहायता की जाए।
उन्होंने हिमाचल में हिंदू मंदिर एक्ट बनाने की भी मांग की हैं। उन्होंने मंदिरों के लिए सालाना बजट का प्रावधान करने की भी मांग की हैं जिससे मंदिरों की अच्छे ढंग से देखरेख हो सके। जनक्रांति दल का कहना है कि हिमाचल सरकार ने कॉऊ सेस की घोषणा कर रखी है, इसके बावजूद गौ धन सड़कों पर घूम रहा हैं,जिसकी वजह से दुर्घटनाएं होने के साथ गौ माता का निरादर हो रहा हैं। दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सरकार जो कॉऊ सेस एकत्रित कर रही है, उसे गौ माता के लिए लगाए और अधिक से अधिक गौसदन शुरू करके बेसहारा गौ धन को वहां रखा जाए। इस अवसर पर दल के अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
