अरविंदर सिंह,हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश वन विभाग के वन्यजीव विंग की ओर से अत्याधुनिक व बड़े जूलॉजिकल पार्क की स्थापना की जा रही हैं। यह पार्क जो शैक्षिक और वैज्ञानिक ज्ञान प्रदान करने में उत्कृष्टता का केंद्र होने के अलावा पशु केंद्रित और आगंतुक अनुकूल होगा। यह विशाल प्राणि उद्यान स्थल लगभग 180 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित किया जा रहा हैं। यह चिड़ियाघर कांगड़ा जिले के बनखंडी, देहरा मंडल में स्थित बड़े प्राणी उद्यान में निर्मित किया जाएगा।
पर्यटन की दृष्टि से कांगडा जिला को विकसित करने के लिए ओर पर्यटन राजधानी बनाने की तरफ यह एक मील पत्थर साबित होगा। इसमें सभी मानकों को पूरा करने के लिए वन्य जीव विंग हमीरपुर की ओर सर जोर-शोर से तैयारियों की जा रही हैं। प्रोजेक्ट रिपोर्ट को तैयार कर विभिन्न विभागों ओर केंद्रीय संस्थाओं को भेज दिया गया हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी इस स्थान के लिए अपनी सहमति दे दी हैं।
डीएफओ वन्यजीव आर रोयसटन ने बताया कि उत्तरी भारत का सबसे बड़ा जूलॉजिकल पार्क के लिए मास्टर प्लान की डीपीआर को तैयार कर केंद्रीय वन्य प्राणी प्राधिकरण को भेज दिया गया हैं। उन्होंने बताया कि जिला कांगडा के बनखंडी में 180 हैक्टेयर भूमि का इसके लिए चयन कर लिया गया हैं। जिसमें वन्य प्राणी प्रमियों के लिए सफारी सहित अन्य विशेष मनोरंजन के इंतजाम किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इसके स्थापित होने से जहां उत्तर भारत के लोगों को विश्व स्तरीय जूलॉजिकल पार्क भ्रमण का अवसर मिलेगा, वहीं इससे पर्यटन के साथ-साथ प्रदेश की आर्थिकी भी सुदृढ होगी। उन्होंने कहा कि आने वाले वित्तिय वर्ष में ही इसका काम शुरू हो जाएगा ओर आगामी 3 सालों में इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
