बिलासपुर : सुभाष ठाकुर -माता श्री नैना देवी से जुड़ा एक ऐसा ऐतिहासिक सरोवर है, जिसमें प्राचीन काल से लेकर आज भी कमल के फूल खिल रहे हैं ।जिसमें स्नान मात्र से ही दुख रोग संकट टोने से नाश होता है
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जी हां हम बात कर रहे हैं प्राचीन काल से विद्यामान माता श्री नैना देवी मंदिर से लगभग 10 किलोमीटर दूरी पर स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक कोलाबाला टोबा सरोवर है । जिसे माता श्री नैना देवी का पड़ाव स्थल भी कहा जाता है ।कहते हैं कि श्रद्धालु जो प्राचीन काल में सड़के नहीं होती थी, ज्यादातर श्रद्धालु आनंदपुर साहिब से पैदल माता श्री नैना देवी के दरबार में पहुंचते थे । उस समय आधा रास्ता समाप्त होने पर वह पड़ाव स्थान कोला वाला टोबा में रुकते थे ।इस प्राचीन ऐतिहासिक सरोवर में स्नान करके माता के मंदिर के लिए रवाना होते थे और इस सरोवर से कमल के फूल तोड़ कर ले जाते थे और माता के चरणों में अर्पित करते थे ।जब यह श्रद्धालु ऊंची चढ़ाई चढ़कर वापस कोलाबाला टोबा पहुंचते थे तो इस सरोवर में स्नान करके उनकी सारी थकान उतर जाती थी ।इसलिए इस सरोवर का बहुत महत्व है और श्रद्धालु आज भी काफी संख्या में इस सरोवर के पास पहुंचते हैं, जल के छींटे लेते हैं और अपना जीवन धन्य करते हैं ।
