संजु चौधरी, शिमला: सरकार और आढ़तियों के बीच सेब खरीद का विवाद फिलहाल सुलझता नजर नहीं आ रहा हैं। सेब किस हिसाब से बिकेगा इसकी उधेड़बुन के बीच पक्ष विपक्ष की राजनीतिक बयानबाजी के बीच बागवानों की समस्या सुलझती नहीं दिख रही हैं। विपक्ष कांग्रेस सरकार को इस मोर्चे पर फेल बता रहा हैं।
भाजपा प्रवक्ता व चौपाल के विधायक बलवीर वर्मा ने कहा कि सेब सीजन में मंडियों में आढ़तियों व सरकार के बीच संघर्ष से बागवान परेशान हैं। छोटे बागवानों को इससे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। बागवानी मंत्री अब तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। आढ़तियों के लाइसेंस रद्द करने व बाहर से आढ़ती बुलाने की बात कर रहे हैं जबकि पहले यूनिवर्सल कार्टन व जगह की व्यवस्था की जानी चाहिए थी लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया।
उन्होंने कहा कि सेब किलो के हिसाब से बिकना चाहिए बागवानों को इसका फायदा है लेकिन पहले इसकी व्यवस्था की जानी चाहिए थी। कांग्रेस ने तो सेब के दाम बागवानों की ओर से तय करने की गारंटी दी थी। कांग्रेस की कोई गारंटी पूरी नहीं हुई हैं। बागवानों का अरबों रुपया फंसा हुआ हैं। सरकार किसी भी ढारे से सेब खरीद वाले को लाइसेंस दे देती हैं जो बागवानों का पैसा लेकर गायब हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कई सड़के अभी भी बंद है लेकिन सरकार सचिवालय से बाहर नहीं निकल रही हैं।
