राकेश,ऊना: हिमाचल प्रदेश में चुनावी माहौल पूरी तरह से गर्मा चुका है। सभी प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे हैं वह अपना पूरा दमखम जीत के लिए लगा रहे हैं। हर एक प्रत्याशी लोगों के घर द्वार जाकर जनसभा और नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से अपने लिए समर्थन जुटाने में लगा हुआ है। वहीं अगर बात ऊना जिला की गगरेट विधानसभा कि की जाए तो यह विधानसभा सीट हॉट सीटों में गिनी जा रही है, क्योंकि यहां से कांग्रेस पार्टी ने चैतन्य शर्मा को चुनावी मैदान में उतारा है।
चैतन्य शर्मा अमेरिका से ग्रेजुएट हैं औ सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते है। हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद के चुनावों में उन्होंने बतौर आजाद उम्मीदवार खड़े होकर हिमाचल प्रदेश में सबसे ज्यादा वोट लेकर जीत दर्ज की थी। चैतन्य शर्मा ने कुछ समय पहले कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन किया था और अगले दिन ही कांग्रेस की टिकट लेकर नामांकन दाखिल करने के बाद अपना जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया था।
चैतन्य शर्मा ने समर न्यूज़ हिमाचल की टीम से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि वह गगरेट विधानसभा को ग्रेट बनाने के लिए विधानसभा चुनाव में उतरे हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना उनकी प्राथमिकता रहेगी और युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा करना उनको रोजगार देना इसके लिए वह युवाओं को आगे लाएंगे। उन्होंने कहा की अस्पतालों की दुर्दशा को सुधारना औद्योगिक क्षेत्र को और विकसित करना ताकि युवाओं को रोजगार के साधन मिल सके यह उनकी प्राथमिकता रहेगी।
चैतन्य शर्मा हिमाचल प्रदेश में सबसे कम उम्र के विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार है। 28 साल की उम्र में चैतन्य शर्मा विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि पिछले 3 सालों से हल्के में लोगों की सेवा में लगे हुए हैं। हल्के की कायापलट हो इसलिए अमेरिका से ग्रेजुएट की पढ़ाई करने के बाद उनके मन में अपनी विधानसभा को और विकसित करने का विचार था इसी के चलते लोगों की सेवा में लगे हुए हैं।
चैतन्य शर्मा ने कहा कि वह कोई पैराशूट लीडर नहीं है। राजनीतिक विरोधी लोगों को गुमराह करने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहे है। उन्होंने कहा कि उनके पिताजी आईएएस थे और देश सेवा के लिए काफी साल बाहर रहे जिसके चलते उनकी बेसिक पढ़ाई भी उत्तराखंड में ही हुई लेकिन उनका लगाव अपने पैतृक गांव से बना रहा। अगर कोई व्यक्ति देश सेवा के लिए बाहर जाता है और वापस आकर अपने क्षेत्र में कार्य करता है तो वह व्यक्ति बाहरी व्यक्ति कैसे हो सकता है, इसलिए उनके राजनीतिक विरोधी इस मामले को लेकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरे जिलों से आकर जहां पर कारोबार करते हैं असल में वह खुद तो पैराशूट है क्योंकि वह सुबह आते हैं और शाम को चले जाते हैं। इस दौरान उन्होंने विरोधियों पर भी निशाना साधा उन्होंने कहा कि जिनके घर शीशे के होते हैं वह दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते। उन्होंने कहा है कि जो पहले राजनीति में धुर विरोधी हुआ करते थे आज परम मित्र हो गए हैं ।
कांग्रेस पार्टी के स्टार प्रचारकों का चुनावों में ना आने के सवाल पर चैतन्य शर्मा ने कहा कि जिन्होंने खुद कोई काम नहीं किया हो उनको बाहर से स्टार प्रचारकों को बुलाकर लोगों को वोट मांगने पड़ रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी जो लोग बाहर से आ रहे हैं उन्हें शायद ये भी पता नहीं होगा कि हिमाचल प्रदेश में गगरेट कहां पर है। उन्होंने कहा कि अगर इन्होंने विकास करवाया होता तो आज इनको स्टार प्रचारकों को नहीं बुलाना पड़ता। इनके लिए स्टार प्रचारक ऑक्सीजन की तरह है,क्योंकि इनके पैरों के नीचे से जमीन खिसकने लगी है इसलिए यह स्टार प्रचारकों को बुलाकर लोगों से वोट डालने की अपील कर रहे हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किए जाने के सवाल पर चैतन्य शर्मा ने कहा कि वह कांग्रेस पार्टी के छोटे से सिपाही है और इसका निर्णय हाईकमान ही करता है।
