संजीव महाजन,नूरपुर(TSN): हिमाचल और पंजाब को जोड़ने वाला चक्की पुल पिछले काफी लंबे समय से बंद पड़ा हैं। इस पुल पर वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही है जिसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। यही वजह है कि अब लोग पुल को दो पहिया वाहनों के लिए खोलने की मांग कर रहे हैं। इतना ही नहीं मांग पूरी न होने पर लोगों ने चक्का जाम तक की चेतावनी प्रशासन को दे डाली हैं।
अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार संघ के सह निदेशक हिमाचल प्रदेश राजेश पठानिया ने जसूर में एक पत्रकार वार्ता में कहा की 15 सितंबर तक अगर एनएचएआई ने अपने कहे अनुसार चक्की पुल को दोपहिया वाहनों के लिए तुरंत नहीं खोला तो 16 सितंबर को सुबह कंडवाल बैरियर पर चक्का जाम किया जाएगा। इसकी सारी जिम्मेवारी नूरपुर प्रशासन एवं एनएचएआई की होगी। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर से पहले दोपहिया वाहनों के लिए चक्की पुल को खोलकर एनएचएआई अनावश्यक आम जनता के साथ टकराव को रोक सकती हैं।
उन्होंने कहा की पिछले एक वर्ष से रिपेयर के नाम पर एनएचएआई ने चक्की पुल को बंद कर रखा हैं। 1 वर्ष से बड़ी गाड़ियों जैसे स्कूल बस, पब्लिक ट्रांसपोर्ट आदि जैसी बड़ी गाड़ियों को आवाजाही के लिए पुल को बंद किया है और पिछले करीब ढाई महीने से इससे टू व्हीलर के लिए भी बंद कर दिया गया हैं,जिससे स्थानीय लोगों को हिमाचल और पंजाब के साथ लगते सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि अन्य वाहनों के लिए पुल बंद हैं लेकिन एनएचएआई की अपनी भारी भरकम मशीनरी इसी पुल से गुजरती हैं। कुछ लोग बीमारी का बहाना बनाकर भी गुजरते हैं, कुछ अपने रसूख का इस्तेमाल करके इस पुल से गुजर रहे हैं जिसका स्थानीय जनता दोनों ओर से बहुत विरोध करती हैं।
जनता की यह एनएचएआई और नूरपुर प्रशासन से मांग है कि अगर चक्की पुल बाकी सब गाड़ियों के लिए सुरक्षित है तो हमें भी दो पहिया वाहनों को ले जाने की तुरंत इजाजत दी जाए। बता दें कि हिमाचल पंजाब को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण चक्की पुल सुरक्षा की दृष्टि से भारतीय सेवा को हिमाचल में जाने के लिए महत्वपूर्ण एकमात्र चक्की पुल व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चक्की पुल पिछले 1 वर्ष से अवैध माइनिंग के चलते एक बार गिर चुका हैं। इसको बने हुए अभी कुछ वर्ष हुए हैं की भारी बरसात के कारण इसके दो पिल्लरों को क्षति पहुंची हैं,जिस वजह से इसे एहतियातन बंद किया गया हैं।
पुल पर वाहनों की आवाजाही लंबे समय से बंद होने की वजह से अब जनता के सब्र का बांध टूटता जा रहा हैं। उनका कहना है कि आप पुल के रिपेयर करते रहें हमें दो पहिया वाहनों को पुल के ऊपर से जाने की इजाजत दी जाए। इसकी पूरी जिम्मेवारी हम अपने ऊपर लेते हैं। राजेश पठानिया के साथ स्थानीय पंचायत के प्रधानों ने भी इस वार्ता में कहा की 15 सितंबर तक अगर दो पहिया वाहनों के लिए पुल को ना खोला गया तो 16 सितंबर को सुबह कंडवाल बैरियर पर चक्का जाम किया जाएगा जिसकी सारी जिम्मेवारी नूरपुर प्रशासन एवं एनएचएआई विभाग पर होगी।
