मंडी/परी शर्मा– पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ राजकीय वल्लभ महाविद्यालय मंडी के अकेडमिक ब्लॉक के लिए जल्द बजट न मिला तो इसका निर्माण कार्य रुक सकता है । इसको लेकर शिक्षा निदेशालय को लोक निर्माण विभाग ने चिट्ठी भी लिखी है। वल्लभ कॉलेज के अकेडमिक ब्लॉक की यह इमारत 5 मंजिल की होगी।
शिक्षा निदेशालय को लोक निर्माण विभाग ने लिखी चिट्ठी
लोक निर्माण विभाग द्वारा स्टील के स्ट्रक्चर से यह भवन तैयार किया जा रहा है। बीते वर्ष इस भवन का कार्य शुरू किया गया था। लोक निर्माण विभाग ने कॉलेज भवन को इस वर्ष के अक्तूबर माह तक पूरी तरह से तैयार करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन सरकार की ओर से जारी किया गया 27 करोड़ रुपये का बजट निर्माण कार्य में खर्च हो चुका है। अब आगे के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए लोनिवि ने शिक्षा निदेशालय से 15 करोड की डिमांड की है। इसके लिए विभाग ने शिक्षा निदेशालय को चिट्ठी लिख दी है। जिसमें साफ-साफ शब्दों में लिखा है कि अगर निदेशालय लोनिवि को शेष बजट उपलब्ध नहीं करवाता तो कॉलेज भवन का निर्माण कार्य बंद कर दिया जाएगा। जिसे फिर बजट मिलने के बाद ही शुरू किया जाएगा। परंतु अभी तक भी शेष 15 करोड़ का बजट लोनिवि को नहीं मिल पाया है।
लगभग 15 करोड़ और बजट की आवश्यकता
पूर्व सरकार के कार्यकाल में इस भवन निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चला हुआ था। वर्तमान में इसकी छत और फिनिशिंग का कार्य शेष है। पूर्व सरकार की ओर से अब तक इस अकेडमिक ब्लॉक के निर्माण के लिए 27 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे, जो अब खर्च हो चुके हैं। इसे पूर्ण रूप से तैयार करने के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये और बजट की आवश्यकता है। इसके लिए लोनिवि मंडी की ओर से इसका प्रस्ताव पूर्व प्रदेश सरकार व निदेशालय को भेज दिया गया था, लेकिन अभी तक बजट नहीं मिल पाया है।
अकेडमिक ब्लॉक की इमारत होगी 5 मंजिल
बता दे कि वल्लभ कॉलेज के अकेडमिक ब्लॉक की यह इमारत 5 मंजिल की होगी। जिसके लास्ट फ्लॉर पर 1000 से अधिक सीटिंग क्षमता वाला कॉफ्रेंस हॉल तैयार किया जा रहा है। जिसमें कॉलेज के सभी छोटे-बड़े कार्यक्रमों को आयोजित किया जा सकेगा। भवन के पीछे की ओर एक बहुत बड़ी पार्किंग होगी। इसमें स्टाफ से लेकर विद्यार्थियों के वाहनों को पार्क करने की सुविधा मिलेगी। यह भवन पूरी तरह से भूकंपरोधी होगा। जिसके चलते कॉलेज स्टाफ सदस्यों व छात्र-छात्राओं को भूकंप के आने से किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और न ही उन्हें भूकंप के आने से डरने की जरूरत होगी।
