भावना, शिमला: प्रदेश में पशुओं में फैला लंबी वायरस विकराल रूप लेता जा रहा है अभी तक इस वर्ग की चपेट में आने से 5 हजार के करीब पशुओं की मौत हो चुकी है जबकि 85 हजार पशु इस बीमारी की चपेट में है। ऐसे में अब पर सरकार पर एर्स महामारी को लेकर गंभीर कदम ना उठाने के आरोप भी सरकार पर लग रहे है। इसी बीच भारतीय किसान संघ ने सरकार से इस बीमारी से बेजुबानों को बचाने की मांग की है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर सरकार की ओर से इस महामारी को लेकर कोई कारगर कदम नहीं उठाए जाते हैं तो किसान मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे।
भारतीय किसान संघ की महिला प्रमुख मंजू दीक्षित ने कहा कि प्रदेश सरकार को ऊंचा सुनने की आदत है और पशु अपनी पीड़ा बताने में असमर्थ है। तभी तो इन बेजुबानों को बचाने के लिए सरकार आगे नहीं आ रही है। यह जानलेवा वायरस अभी तक प्रदेश में हजारों पशुओं की जिंदगी से खेल चुका है। पशु लंपी वायरस नामक भयानक बिमारी का सामना कर रहें है। बेजुबानों के लिए यह बिमारी आपदा बनकर आई है यदि सरकार इस रोग के बचाव के लिए कोई कदम नहीं उठाती है तो यह जानलेवा बिमारी और भंयकर रूप ले लेगी और इस तरह से पशुओं की मौत को भारतीय किसान संघ चुपचाप नहीं देखेगा।
उन्होंने कहा कि बार – बार सरकार के समक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जा रहा है बावजूद इसके कोई कदम प्रदेश सरकार नहीं उठा रही हैं। प्रदेश सरकार का तानाशाही पूर्ण रवैया बिल्कुल बर्दाशत नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसान संघ को सडकों पर उतरने के लिए विवश न करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कृषि व बागवानी से जुड़े कृषक परिवारों की समस्याओं को भारतीय किसान संघ हमेशा से प्रमुखता से उठाता आ रहा है। सरकार का मकसद किसानों का कल्याण रहता है जिसे सरकार भूल गई है।
बता दें कि मंजू दीक्षित हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के दौरे पर है, जिसमें ग्राम समिति की महिलाओं से गांव की समस्याओं को लेकर भी बातचीत कर रही है। इन परेशानियों का निपटारा कैसे किया जाए उस पर अपने सुझाव दे रही है।
