Shimla, 3 January-:हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने वाले प्रमुख चुनावी वादों में इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना को अहम माना गया था। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस ने 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने का वादा किया था। इस घोषणा ने महिला मतदाताओं को खासा प्रभावित किया और कांग्रेस की जीत में उनकी भूमिका निर्णायक रही।
हालांकि, सुक्खू सरकार के तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद इस योजना का लाभ अभी तक सीमित संख्या में महिलाओं तक ही पहुंच पाया है। 11 दिसंबर 2025 तक की स्थिति में प्रदेश की केवल 35,687 महिलाओं के खातों में ही 1500 रुपये की किश्त जमा हो पाई है, जबकि 8 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना के लिए आवेदन कर चुकी हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत कुल 18 करोड़ 32 लाख 71 हजार 500 रुपये की राशि महिलाओं के खातों में डाली गई है। सबसे अधिक राशि ऊना जिले में 3 करोड़ 27 लाख 60 हजार रुपये के रूप में ट्रांसफर की गई है, जबकि लाहौल-स्पीति में 2 करोड़ 10 लाख 78 हजार रुपये और बिलासपुर, मंडी, सिरमौर जैसे जिलों में भी करोड़ों रुपये वितरित किए गए हैं। इसके बावजूद, अधिकांश जिलों में भुगतान केवल सीमित अवधि तक ही किया गया है।
कई जिलों में महिलाओं को अप्रैल से जून 2024 तक की केवल तीन महीने की किश्त मिली है, जबकि डोडराक्वार और लाहौल-स्पीति जैसे क्षेत्रों में अप्रैल 2024 से जून 2025 तक की किश्तें डाली गई हैं। कहीं जनवरी से मार्च 2025 तो कहीं अप्रैल से जून 2025 तक की राशि ही जारी हुई है, जिससे भुगतान में भारी असमानता सामने आई है।लाभार्थियों की संख्या की बात करें तो ऊना जिला सबसे आगे है, जहां 7,280 महिलाओं को राशि मिली है। इसके बाद बिलासपुर, मंडी, शिमला और कांगड़ा जैसे जिले आते हैं। वहीं किन्नौर, सोलन और डोडराक्वार जैसे क्षेत्रों में लाभ पाने वाली महिलाओं की संख्या काफी कम है।
इस योजना को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज रही है। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार से सवाल उठाया था, जिस पर सरकार ने बजट की उपलब्धता के अनुसार चरणबद्ध भुगतान की बात कही। फिलहाल, लाखों महिलाओं को अब भी अपने वादे के पूरे होने का इंतजार है।
Chandrika
