सचिन शर्मा,केलांग: जिला लाहौल स्पीति में बच्चों को आंत कृमि से मुक्ति दिलवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला में 25 से 31 मई तक राष्ट्रीय कृमि रोग मुक्ति दिवस पर विशेष अभियान आरंभ किया गया हैं। उपायुक्त जिला लाहौल स्पीति राहुल कुमार ने अभियान के सफल व प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ समीक्षा सोमवार को समीक्षा बैठक की। जिला लाहौल स्पीति के 251 विद्यालयों व 123 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 5800 बच्चों को कृमिनाशक एल्बेंडाजोल दवाई खिलाई जा रही हैं।
उपायुक्त राहुल कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि प्रवासी कामगारों के बच्चों को भी इस अभियान के तहत कृमि नाशक दवाई एल्बेंडाजोल की खुराक देना सुनिश्चित बनाई जाए।
इस अवसर पर कृमि रोग मुक्ति दिवस के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी लाहौल स्पीति डॉ रोशन ने बताया कि हमारे देश के बच्चों में कुपोषण एक गंभीर समस्या हैं। आंत कृमि संक्रमण भी इसका एक मुख्य कारण हैं। कृमि संक्रमण के चलते बच्चे कुपोषण के चक्कर से बाहर नहीं निकल पाते हैं ओर समय-समय पर अनेक अन्य बीमारियों जैसे-दस्त रोग, उल्टी, आंत्रशोथ, पीलिया, टायफाइड, टीबी ओर त्वचा संबंधी रोगों से ग्रसित होते रहते हैं।
आंत कृमि का संक्रमण बच्चों में मिट्टी में खेलने व काम करने से, संक्रमित भोजन, संक्रमित पेयजल ओर व्यक्तिगत एवं पर्यावरण स्वच्छता की कमी के कारण लगातार चलता रहता हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजकुमार ने बताया कि कृमि रोग मुक्ति अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को साल में 2 बार कृमि नाशक दवाई एल्बेंडाजोल दी जाती हैं। एक से दो वर्ष के बच्चों को 200 मिलिग्राम यानि आधी गोली ओर 2 वर्ष से 19 तक के बच्चों को पूरी गोली यानि 400 मिलिग्राम दी जाती हैं। इसके लिए सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों ओर आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष प्रबंध किए गए हैं।
जो बच्चे अभी विद्यालयों में पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें आगंनबाड़ी केंद्रों पर आगंनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ओर आशा वर्कर्स के संयुक्त सहयोग से दवाई खिलाने की व्यवस्था की गई हैं। जो बच्चे किसी कारणवश दवाई नहीं ले पाए हैं, उन्हें 31 मई को विशेष मॉप-अप राउंड में यह दवाई दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को विटामिन-ए की दवाई भी जिला के स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से भी साथ-साथ में पिलाई जा रही है और रूटीन में जीवन रक्षक टीकाकरण भी किया जा रहा हैं।
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उपायुक्त राहुल कुमार ने बच्चों को जंक फूड से परहेज करने, घर का बना ताजा खाना खाने, स्थानीय मौसमी फल-सब्जियों का अधिक सेवन करने, व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने ओर स्कूल में दी जाने वाली प्रतिपूरक आयरन फोलिक एसिड की गोलियां नियमित रूप से खाने की सलाह दी गई हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को कृमि मुक्त करके हम अनीमिया को भी समाप्त कर सकते हैं। बैठक में सहायक आयुक्त संकल्प गौतम सहित स्वास्थ्य व संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
