नालागढ़/जगत सिंह: नालागढ़ उपमंडल की ग्राम पंचायत लूणस में प्रधान की जगह उनके पति काम करते नजर आए। इसका एक वीडियो सामने आया है। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में आधे से अधिक पदाें पर महिलाएं सरपंच चुनी गई हैं, लेकिन अक्सर देखा गया है कि सरपंच महिलाओं के पति, ससुर, भाई, देवर या अन्य रिश्तेदार ग्राम पंचायत में पूरी पंचायती करते नजर आते हैं। वे ही बैठकों में बैठते हैं, ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हैं और दखलअंदाजी करते हैं । ऐसा ही एक मामला नालागढ़ की पंचायत लूणस से आया सामने और पति प्रधान का पंचायत के बैठकों में भाग लेने का विडिओ सामने आया है।
दरअसल, पंचायतीराज संस्थाओं में महिला सीट हाेने के कारण कई जनप्रतिनिधि परिवार की महिला काे चुनाव लड़ाते हैं। कई महिलाएं सरपंच बन जाती हैं, लेकिन उन्हें राजनीतिक अनुभव नहीं होता। इस कारण पंचायत की मीटिंग से लेकर अन्य कार्यवाही उनके परिजन ही प्रतिनिधि बन कर करते हैं। कई बार ताे पंचायत में सरपंच की कुर्सी पर उनके प्रतिनिधि बैठते हैं और सरपंच घूंघट की ओट में दूसरी ओर बैठी रहती है।इसका कई बार विराेध हाेता है। पंचायत के उपप्रधान ने भी महिला प्रधान व् पति प्रधान आरोप लगाते हुए कहा की पति प्रधान पंचायत घर में बैठ कर इतना ही नहीं, पंचायत की मीटिंग व अन्य कार्यवाही पंचायत में भाग लेकर पंचायत के कार्य में हस्तक्षेप करता है।
विकास खंड अधिकारी का कहना है की सरपंच महिलाओं के पति, ससुर, भाई, देवर या अन्य रिश्तेदार ग्राम पंचायत में पूरी पंचायती करते नजर आते हैं। वे ही बैठकों में बैठते हैं, ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हैं और दखलअंदाजी करते हैं। जबकि नियमानुसार वे ऐसा नहीं कर सकते, अगर ऐसा मामला है तो उसके खिलाफ कठोर कार्यवाई की जाएगी।
