Mandi, Dharamveer-:राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय संगोष्ठी में डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि डिजिटल युग में पत्रकारिता के सामने अवसरों के साथ-साथ चुनौतियाँ भी तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में प्रेस की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि पत्रकारिता अपने मूल सिद्धांतों व स्थापित मानकों की ओर लौटे।
भारतीय प्रेस परिषद द्वारा इस वर्ष प्रेस दिवस की थीम “बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण” रखी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीसी अपूर्व देवगन ने कहा कि तेज़ी से बदलते मीडिया माहौल में तथ्य-जांच (फैक्ट चेकिंग) सबसे महत्वपूर्ण चरण बन गया है। स्टोरी भेजने की समय-सीमा और सूचनाओं की पुष्टि के बीच कई बार गलत या अपुष्ट जानकारी के जाल में फँसने की संभावना बनी रहती है।उन्होंने यह भी चिंता व्यक्त की कि आज का युवा प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से दूरी बना रहा है, जिस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि तथ्यपरक समालोचना न केवल पत्रकारिता की ताकत है बल्कि प्रशासन को फीडबैक देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। हाल ही की आपदा के दौरान स्थानीय मीडिया ने अपनी जिम्मेदारी का बेहतरीन निर्वहन किया।
डीसी ने चेताया कि भ्रामक या अपुष्ट सूचनाएँ कई बार कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन जाती हैं, इसलिए मीडिया कर्मियों को तथ्यों के चयन में अत्यधिक सतर्क रहना चाहिए।संगोष्ठी में मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार डी.पी. गुप्ता, मुरारी शर्मा, बीरबल शर्मा, अंकुश सूद, दीपेंद्र मांटा सहित कई अनुभवी पत्रकारों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष सुभाष ठाकुर, उपाध्यक्ष मोनिका ठाकुर तथा अन्य स्थानीय पत्रकार एवं अधिकारी मौजूद रहे।
