शिमला : कमल भारद्वाज – विश्वधरोहर कालका शिमला रेल में शनिवार को साहित्यिक रेल यात्रा का आयोजन किया गया । पांचवीं बाबा भलखू स्मृति में आयोजित की गई इस यात्रा को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ.(कर्नल) धनीराम शांडिल ने शिमला रेलवे स्टेशन से फ्लैग ऑफ किया और तारादेवी तक लेखकों के साथ यात्रा भी की।
लेखक, पत्रकार, रंगकर्मी और लोक गायक हुए शामिल
हिमालय साहित्य, संस्कृति एवं पर्यावरण मंच द्वारा आयोजित इस यात्रा में उन्होंने स्टेशन पर सभी लेखकों और रेलवे अधिकारियों को हिमाचली टोपी, मफलर और मोमेंटो से सम्मानित किया। सहायक स्टेशन अधीक्षक जोगिंदर बोहरा ने अपनी संस्था की ओर से स्वास्थ्य मंत्री और एस आर हरनोट को पौधे दे कर सम्मानित किया। उन्होंने लेखकों की उपस्थिति में दीप्ति सारस्वत “प्रतिमा” के कहानी संग्रह “प्याली भर जुगुप्सा” का विमोचन भी किया। इसी के साथ बरेली से पधारी उपन्यासकार सीमा असीम का नया उपन्यास जाग मुसाफिर भी लोकार्पित किया। स्वास्थ्य मंत्री ने इस यात्रा को अनूठा करार दिया और हिमालय मंच की प्रशंसा की कि यह देश की पहली ऐसी यात्रा है जो एक मजदूर की स्मृति में आयोजित की जाती है। इस यात्रा में देश और प्रदेश के विभिन्न भागों से स्थानीय लेखकों सहित 35 लेखक, पत्रकार, रंगकर्मी और लोक गायक शामिल रहे ।
पहले दिन शिमला स्टेशन से बड़ोग रेलवे स्टेशन तक का सफर
पहले दिन यात्रा शिमला स्टेशन से बड़ोग रेलवे स्टेशन तक और वहां से वापिस शिमला रेलवे स्टेशन लौटी । हिमालय मंच के अध्यक्ष एस.आर.हरनोट ने बताया कि सभी लेखक दूसरे दिन बस से झाझा{चायल} बाबा भलकू के पुश्तैनी गाँव जाएगे।उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दिव्य और दुर्लभ प्रतिमा के धनी मजदूर भलकू के हिन्दुस्तान तिब्बत मार्ग और शिमला कालका रेलवे के सर्वेक्षण में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण करते हुए उन समस्त मजदूरों को याद करना भी है । जिन्होंने अपने हाथों से रेलवे लाइन और हिमाचल के कठिन दुर्गम पहाड़ों से सड़कें निकालीं और कई मजदूरों ने अपनी जाने गंवा दीं। इस सत्र का सफलन संचालन लेखक और शिक्षाविद जगदीश बाली ने किया ।
कविताओं और लोक गीतों ने बांधा समां
हरनोट ने बताया कि कविता सत्र केथलीघाट और कनोह रेलवे स्टेशनों के नाम पर आयोजित किए गए, जिनकी अध्यक्षता क्रमशः डॉ.प्रेरणा ठाकरे, प्रसिद्ध कवयित्री व कथाकार और वरिष्ठ लेखिका डॉ.किरण सूद द्वारा की गई। जगदीश बाली और दीप्ति सारस्वत ‘प्रतिमा‘ ने मंच संचालन खूबसूरती से किया। सोलन सत्र कथा संवाद के रूप में आयोजित किया गया । जिसकी अध्क्षता इंजीनियर एसपी सिंह ने की और डॉ. देव कन्या ठाकुर ने संभाला। कंडाघाट सत्र सुर संगीत के नाम रहा, जिसकी अध्यक्षता डॉ. अनिता शर्मा ने की और संचालन जगदीश गौतम द्वारा किया गया। जगदीश गौतम के लोक गीतों ने सभी का मन मोह लिया। बड़ोग रेलवे स्टेशन पर सोलन नगर निगम के पूर्व महापौर कुल राकेश पंत, आईएएस अधिकारी शरभ नेगी, सोलन फिलफोट फॉर्म के प्रधान विजय कुमार पूरी, राजीव उप्पल,महा सचिव, गुलाब सिंह नामधारी, कोषाध्यक्ष,मनोज गुप्ता, संयुक्त सचिव, मोहिनी सूद, निदेशक, विक्रम मट्टू और आशीष सदस्य ने सभी लेखकों का गर्म जोशी से फूल मालाएं पहनाकर लेखकों का स्वागत सम्मान किया ।
