अरविंदर सिंह,हमीरपुर: हमीरपुर फॉरेस्ट डिविजन के तहत बरसात के इस सीजन में जिले की सभी पांचों वन रेजों में करीब 70 हजार अलग-अलग किस्मों के पौधे जंगलों में लगाए जाएंगे। वन विभाग ने इसी माह से इन्हें लगाने की तैयारी पूरी कर ली हैं। बरसात ने भी अब दस्तक दे दी है और प्लांटेशन का काम शुरू होने जा रहा हैं। डीएफओ हमीरपुर राकेश कुमार ने बताया कि वन विभाग ने एक रोडमैप तैयार किया है जिसके तहत हर वन रेंज में पहली बार हर्बल वन बनाए जाएंगे और 157 हेक्टेयर वन क्षेत्र में प्लांटेशन की जाएगी ।
उन्होंने बताया कि हर्बल वन से जहां किसानों और आम लोगों को हर्बल प्लांट के प्रति जागरूक किया जाएगा। वहीं इन प्लांट्स को लगाकर इन्हें कॉमर्शियल स्तर पर आय का जरिया भी बनाया जा सकता हैं।
मानसून सीजन की शुरुआत होते ही वन विभाग ने जंगलों में नई पौध लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी हैं। इसको लेकर वन विभाग की सभी नर्सरियों में इन प्लांट्स को पहले ही तैयार कर लिया गया है और अब इन्हें जंगलों में लगाने के लिए रेंज स्तर पर उपलब्ध करवाया जाएगा। इस बार 157 हेक्टेयर वन क्षेत्र में प्लांटेशन की जाएगी जिसमें 49 हेक्टेयर नॉर्मल स्तर के पौधे लगाए जाएंगे जब की 108 हेक्टेयर में चौड़े पत्तेदार पौधे लगाए जाएंगे।
वन विभाग ने एक रोडमैप तैयार किया है जिसके तहत हर वन रेंज में पहली बार हर्बल वन बनाए जाएंगे जिसमें हरड़, बहेड़ा और आंवला के पौधे लगाए जाएंगे। इन्हें लगाने के दो फायदे होंगे पहला इनमें किसानों और आम लोगों को हर्बल प्लांट के प्रति जागरूक किया जाएगा और दूसरा इन प्लांट्स को लगाकर इन्हें कॉमर्शियल स्तर पर आय का जरिया कैसे बनाया जा सकता है इस पर जोर दिया जाएगा।
बता दें कि जिला हमीरपुर का वातावरण हरड़ बहेड़ा और आंवला के पौधे लगाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है इसे कॉमर्शियल स्तर पर लोग अपनाएं इस पर फोकस किया जाएगा।
वन विभाग के डीएफओ राकेश शर्मा ने बताया कि विभाग बरसात के इस सीजन में करीब 70 हजार पौधों की प्लांटेशन की जाएगी जिसमें अलग-अलग किस्मों के प्लांट्स शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि वन विभाग हमीरपुर की ओर से इस बार हर फॉरेस्ट रेंज में एक हर्बल वन लगाए जाने का निर्णय लिया गया है जिसके तहत एक चिन्हित क्षेत्र में हरड़, बहेड़ा और आंवला के पौधे भी लगाए जाएंगे।
डीएफओ हमीरपुर राकेश कुमार ने बताया कि हर्बल गार्डन स्थापित करने से जहां किसानों को हर्बल पौधारोपण करने के प्रति जागरूक किया जाएगा। इन पौधों के फलों से विभाग को आय होने की भी संभावना होगी
