कुल्लू :मनमिंदर अरोड़ा (TSN)- हिमाचल प्रदेश के बीच मनाली के साथ लगते जाणा गाँव में आज स्नो मैराथन का आयोजन किया गया । इस स्नो मैराथन में जहां देश के अलग राज्यों सहित देश विदेश के धावकों ने भी भाग लिया ।वंही भारतीय सेना के जवानों ने भी इस स्नो मैराथन में भाग लिया । इस दौरान भारतीय सेना के शाबीर हुसैन ने तीसरी स्नो मेराथन को अपने नाम कर लिया है।
महिला वर्ग में तेनजिन डोल्मा 42 किलोमीटर के फ़ुल मैराथन में रही विजेता
लद्दाख स्काउट्स के इस जवान ने मनाली के निकट जाणा गाँव की बर्फीली पहाड़ियों में आयोजित इस स्नो मेराथन की 42 किलोमीटर की फुल मेराथन की दूरी 03: 58: 21 समय में पूरी की गई।जबकी महिलाओं के वर्ग में मनाली की तेनजिन डोल्मा ने 04: 35: 13 का समय दर्ज कर फुल मेराथन जीती । स्नो मैराथन का आयोजन रीच इंडिया और हिमाचल पर्यटन विभाग द्वारा तथा जिला प्रशासन के सहयोग से किया गया था ।जिसमें देश और विदेश के चार कैटेगरियां में 200 से भी अधिक धावकों ने दम खम दिखाया। इस आयोजन में रूस, अमेरिका, यूके और श्रीलंका के धावकों ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज की। 01: 29: 14 की टाइमिंग के साथ भारतीय सेना के सेवांग नांगदन ने हाफ मैराथन जीती जबकि महिला वर्ग में 02: 45: 58 की टाइमिंग दर्ज कर हेमलता ने यह खिताब अपने नाम किया। दस किलोमीटर की रेस में भी भारतीय सेना के ही बाजी मारी जिसमें 48: 47 की टाइमिंग के साथ जिग्मेंट स्टबडन प्रथम स्थान प्राप्त विजेता के रूप में उभरे जबकि महिला वर्ग में साक्षी ने 01: 12: 34 समय के साथ पहले स्थान पर रह कर विजेता बनी। पांच किलोमीटर की स्पर्धा मे अरमान ठाकुर ने बाजी मारी
देश विदेश से जुटे 200 से अधिक धावक
स्नो मैराथन के आयोजक का कहना है कि यह एक अच्छा शो है 200 से जुड़ा पीटोबजागीतों ने भाग लिया है । कोलकता से प्रतिभागी इसमें शामिल हुए हुए है वहा काफी गर्मी होती है वे कभी सोच भी नही सकते थे कि वे यहां बर्फ के बीच इस मेराथन में भाग लेंगे । हमारा मकसद भारत को विश्व मानचित्र पर पप्रदर्शित करना चाहता है । भारत अब 11वां देश है जो अब स्नो मेराथन लार्वा रहा है । बल्कि विश्व मे यह पहला देश है जो इतनी ऊंचाई पर स्नो मेराथन करवा रहा है। इस साल दूसरे देशों से भी लोगों ने शामिल होने की बात की थी लेकिन वीज़ा ओर अन्य कारणों से वे इस साल इसमें शामिल नही हो पाए ।यहां बर्फ में काफी फिसलन थी और एलिवेशन भी थे जिसकी वजह से थोड़ी दिक्कते आयी । काफी संभाल के भागना पड़ा । यहाँ आकार काफी खुश है | इसके लिए वे काफी समय से तैयारिया कर रहे थे |
